![]()
भीलवाड़ा में करेड़ा थाना इलाके के बगाजणा गांव में तालाब डूबने से मां-बेटे और चचेरा भाई की मौत हो गई। ग्रामीण तीनों को तालाब से निकालकर करेड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर के नहीं मिलने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और हंगामा किया।
यहां बागजणा में रहने वाली लक्ष्मीदेवी पत्नी चांदूनाथ योगी (38) अपने बेटे प्रवीण नाथ (12) और सुनील नाथ पिता लेहरु नाथ (12) के साथ बागजणा गांव के धर्म तालाब में कपड़े धोने व नहाने गए थे।अनहाने के दौरान दोनों चचेरे भाई प्रवीण, सुनील गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
चरवाहों ने ग्रामीणों को दी सूचना उन्हें डूबता देख लक्ष्मी देवी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गई और दोनों बच्चों के साथ वो भी पानी में डूबने लगी। मौके पर मौजूद चरवाहों ने इन्हे डूबता देख ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पानी से दोनों बच्चों व लक्ष्मी देवी को बाहर निकाल लिया और करेड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में नहीं मिला डॉक्टर, लोगों का फूटा गुस्सा जहां डॉक्टर ने इन्हे मृत घोषित कर दिया। लक्ष्मी देवी व दोनों बच्चों को ग्रामीण पानी से निकाल कर करेड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन मौके पर डॉक्टर मोजूद नहीं थे। काफी देर तक फोन करने के बाद भी डॉक्टर के अस्पताल नहीं आने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा मचाया।
4-4 लाख का मुआवजा देने की घोषणा सूचना पर करेड़ा उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों की शिकायत पर मेडिकल डिपार्टमेंट को सूचना दी, जिस पर विभाग ने एक टीम का गठन किया है जो मामले की जांच करेंगी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर राज्य आपदा राहत कोष द्वारा मृतकों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments