बाल कल्याण समिति ने मासूम को परिजनों को सौंप दिया।
रेलवे पुलिस, बाल कल्याण समिति और किशोर गृह की संयुक्त कार्यवाही से एक बिछड़ा हुआ 12 वर्षीय किशोर तीन दिन की देखरेख और काउंसलिंग के बाद अपने परिजनों के पास सकुशल लौट सका। मासूम गुजरात के बनासकांठा जिले से करीब 5 दिन पहले लापता हो गया था और अनजाने में
जानकारी के अनुसार- शुक्रवार को जालोर के बालवाड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक डरा-सहमा नाबालिग किशोर रेलवे पुलिस को मिला। प्राथमिक पूछताछ के बाद रेलवे पुलिस ने उसे जालोर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। मासूम को किशोर गृह में रखा गया, जहां अध्यक्ष मोहर कंवर द्वारा उसकी काउंसलिंग की गई।

बाल किशोर गृह अध्यक्ष व बाल कल्याण समिति की सदस्य ने बच्चे को परिजनों से मिलवाया।
काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने अपना मूल स्थान गुजरात के बनासकांठा जिले का बताया। इसके बाद किशोर गृह के केयरटेकर लखमाराम और अन्य स्टाफ ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों की मदद से उसके परिवार से संपर्क किया। परिवार से पहचान की पुष्टि होने के बाद रविवार को उन्हें जालोर बुलाया गया और बालक को सौंप दिया गया।
बच्चे के माता-पिता ने बताया कि जब वे मंदिर गए हुए थे, तब बच्चा घर से निकल गया और गलती से ट्रेन से जालोर पहुंच गया। बच्चे को वापस पाकर मां भावुक हो गईं।
बच्चे को सौंपने के दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य सरिता चौधरी, विनय व्यास और बालक के परिजन भी मौजूद रहे।
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