जुलाई माह के अंत तक 74 आउटलेट्स खोले जा चुके हैं।
राजस्थान में सहकारी संस्थाओं और समितियों की ओर से संचालित मिलेट आउटलेट्स आमजन के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। इन आउटलेट्स पर उपलब्ध श्री अन्न (मोटे अनाज) के उत्पादों के प्रति लोगों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है।
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार मंजू राजपाल ने बताया- निर्धारित लक्ष्य 34 की तुलना में जुलाई माह के अंत तक 74 आउटलेट्स खोले जा चुके हैं। इनमें 56 सहकारी उपभोक्ता भण्डार, 4 कॉनफेड, 1 महिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार, 12 क्रय-विक्रय सहकारी समिति और 1 ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

प्रथम चरण में कॉनफेड और जिला सहकारी उपभोक्ता भंडारों की ओर से मिलेट आउटलेट्स खोले गए हैं।
राजपाल ने बताया कि ये आउटलेट्स श्री अन्न उत्पादों की आमजन तक पहुंच बढ़ाने और प्रचलन में लाने के लिए खोले जा रहे हैं। साथ ही सहकारिता और राजीविका के स्वयं सहायता समूहों के मिलेट उत्पादों की बिक्री से रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
विगत 17 जुलाई को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से सहकार एवं रोजगार उत्सव के दौरान 64 मिलेट आउटलेट्स का शुभारम्भ किया गया था।
प्रथम चरण में कॉनफेड और जिला सहकारी उपभोक्ता भंडारों की ओर से मिलेट आउटलेट्स खोले गए हैं। द्वितीय चरण में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों और नवीन 8 जिलों में गठित किए जाने वाले जिला सहकारी उपभोक्ता भंडारों के माध्यम से श्री अन्न उत्पादों की बिक्री प्रस्तावित है।

द्वितीय चरण में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों और नवीन 8 जिलों में गठित किए जाने वाले जिला सहकारी उपभोक्ता भंडारों के माध्यम से श्री अन्न उत्पादों की बिक्री प्रस्तावित है।
इस क्रम में विगत दिनों में ब्यावर क्रय-विक्रय सहकारी समिति, चित्तौड़गढ़ क्रय-विक्रय सहकारी समिति, बड़ी सादड़ी क्रय-विक्रय सहकारी समिति, विकास क्रय-विक्रय सहकारी समिति (कपासन), कुम्हेर क्रय-विक्रय सहकारी समिति, टोंक क्रय-विक्रय सहकारी समिति, किसान-निवाई क्रय-विक्रय सहकारी समिति (निवाई), देवली क्रय-विक्रय सहकारी समिति, उनियारा क्रय-विक्रय सहकारी समिति, टोडारायसिंह क्रय-विक्रय सहकारी समिति, मालपुरा क्रय-विक्रय सहकारी समिति एवं डूंगरपुर क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा मिलेट आउटलेट्स प्रारम्भ किये जा चुके हैं। जबकि, परबतपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. माखुपुरा (अजमेर) द्वारा भी एक मिलेट आउटलेट प्रारम्भ किया जा चुका है।

श्री अन्न सदियों से राजस्थान की खाद्य संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है।
उल्लेखनीय है कि श्री अन्न सदियों से राजस्थान की खाद्य संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। मोटा अनाज (श्री अन्न) जैसे ज्वार, बाजरा आदि राजस्थान जैसे शुष्क एवं अर्ध शुष्क राज्य के लिए उपयुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक फसलें हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया था। इसी के दृष्टिगत राज्य सरकार ने बजट वर्ष 2025-26 में श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पाद आमजन को आसानी से उपलब्ध करवाने तथा प्रचलन में लाने के लिए श्री अन्न विक्रय हेतु आउटलेट्स खोले जाने की घोषणा की थी, जिसकी अनुपालना में उक्त मिलेट आउटलेट प्रारम्भ किये जा रहे हैं। इन आउटलेट्स पर आमजन को श्री अन्न तथा श्री अन्न से बने उत्पाद उचित दामों पर उपलब्ध हो रहे हैं। सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ राजीविका की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित मिलेट्स उत्पादों को भी इन मिलेट विक्रय केन्द्रों पर बिक्री हेतु रखा जा रहा है।
मिलेट आउटलेट्स पर उपलब्ध उत्पादों में सावां, कुटकी, कोदो, कांगनी और छोटी कांगनी के साथ ही मिलेट मिक्स, रोस्टेड ज्वार, रोस्टेड बाजरा, रागी के बिस्किट, ओट्स बिस्किट, कुकीज, श्री अन्न का दलिया, रागी के फ्लेक्स, सावां के रोस्टेड फ्लेक्स आदि प्रमुख है। साथ ही, श्री अन्न से बने पास्ता, नूडल्स, पोहा, सूजी आदि भी लोगों को खास आकर्षित कर रहे हैं। ओट्स और रागी के कुकीज की डिमांड सबसे ज्यादा है। श्री अन्न और श्री अन्न से बने उत्पाद स्वास्थ्य के लिए उत्तम होने की वजह से आमजन को अब श्री अन्न का महत्व समझ में आ रहा है और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग इन प्रोडक्ट्स को विशेष रूप से पसंद कर रहे हैं।
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