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एमडीएस यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल मंगलवार को मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने उनकी प्राथमिकतएं बताई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा चैलेंज है। अगर एआई इसी
कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि उनकी प्राचीनता में शिक्षकों की भर्ती, विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या बढ़ाना, विश्वविद्यालय के लिए बस सेवा का संचालन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन, विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों का जीर्णोद्धार, विश्वविद्यालय में नेक एक्रीडिटेशन, विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट बढ़ाना तथा डिजिटाइजेशन करना है।
बसों का संचालन शुरू किया जाएगा
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में संचालित पाठ्क्रम में नामांकन वृद्धि के प्रयासों के तहत विश्वविद्यालय द्वारा शहर के विभिन्न भागों से विश्वविद्यालय तक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी ऐप से इसका वाजिब किराया तय कर सकेंगें। ताकि विभिन्न मार्गों से यहां पहुंचने वाले विद्यार्थियों के समय की बचत हो सकेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन करते हुए इसके प्रचार प्रसार के लिए संगोष्ठी, सेमिनार के साथ ही इसकों पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के सभी विभागों में व सम्बद्ध महाविद्यालयों में भी इसको लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित विभिन्न विभागों में पहुंचने के लिए कर्मचारियों व विद्यार्थियों को एक भवन से दूसरे भवन तक पहुंचने में समय लगता है। इस समय की बचत के लिए विश्वविद्यालय परिसर में ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी समय पर अपनी कक्षा में पहुंच सके तथा अन्य काम भी आसानी हो सकेंगे।
विभागों में भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
छात्र अनुपात के आधार पर प्रस्ताव तैयार करके सरकार जल्द से जल्द प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्क्रमों में भरतीय ज्ञान परंपरा (IKS) पाठ्क्रम को लागू किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी अपने देश की ज्ञान परंपरा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
सोशल मीडिया पर होगा प्रचार प्रसार
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। डिजिटलाइजेशन की शुरूआत के तहत प्रथम चरण में विश्वविद्यालय के शोध अनुभाग, शोध पीठ, लेखा शाखा व परीक्षा विभाग के कार्यों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद अन्य विभागों में भी यह शुरू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में विभिन्न भवनों का जीर्णोद्धार, मरम्मत का कार्य करवाकर भवनों की भव्यता का स्वरूप् पुनः कायम किया जाएगा। सभी भवनों में वांछित शौचालय, विद्यार्थियों के लिए कॉमन रूम व बैठक व्यवस्था का सुचारू प्रबंध किया जाएगा। विश्वविद्यालय में नेक एक्रीडिशन का काम जल्द ही करवाया जाएगा। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों प्लेसमेंट तथा विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन, कार्यशाला यूजीसी प्रदत्त कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार पर बल प्रदान किया जाएगा। नवाचार के तहत मार्कशीट व अन्य दस्तावेज के लिए ऑनलाईन आवेदन की सुविधा शुरू की गई है। जिससे विद्यार्थी घर बैठे ही वांछित दस्तावेज के लिए आवेदन करके घर बैठे ही डुप्लीकेट मार्कशीट, माईग्रेशन व अन्य दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा चैलेंज
कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार ने एआई के सवाल पर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा चैलेंज है। अगर एआई इसी तरह काम करता रहा तो एक समय ऐसा आएगा हम मानसिक रूप से गुलाम हो जाएंगे। मानसिक गुलामी हमारी सबसे बड़ी त्रासदी होगी। इसलिए हमें एआई का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही किया जाना चाहिए। क्योंकि यह एक वेव है जिसे रोका नहीं जा सकता। अगर इसे रोकने की कोशिश की तो हम दुनिया से बाहर हो जाएंगे। इसलिए यूनिवर्सिटी इसका क्रिएटिव उपयोग किस तरीके से करें इस पर काम किया जाएगा।
अगर छात्र ने अपना काम भी यही से मदद लेकर किया होगा तो उसे जांच के बाद रिजेक्ट कर देंगे। छात्रा खुद अपने स्तर पर ही अपना काम पूरा करें यह पूरे प्रयास रहेंगे।
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