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पिंजरे में कैद लपर्ड को दूसरे पिंजरे में कैद करते हुए वन विभाग की टीम।
राजसमंद के पास मोरचना गांव में वन विभाग के पिंजरे में कैद लेपर्ड को आज जंगल में छोड़ दिया गया।
वन विभाग के रेंजर लादू लाल शर्मा के अनुसार- मोरचना गांव में 8-10 दिनों से लेपर्ड द्वारा पालतू पशुओं के शिकार की शिकायत मिली थी। ग्रामीणों ने बताया था कि लेपर्ड गांव में भेड़, बकरी को अपना शिकार बना रहा है।
सूचना पर 3 दिन पहले मोरचना गांव के भाट मोहल्ले में लेपर्ड के संभावित मूवमेंट वाली जगह पर पिंजरा लगाया गया, जिसमें लेपर्ड के चारे के लिए बकरा बांधा था। आज उसमें लेपर्ड कैद हो गया।
इसके बाद लादू लाल शर्मा के निर्देश पर वन विभाग के कर्मचारी व रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। जिसमें वन्य जीव प्रेमी पन्नालाल कुमावत, घनश्याम पूर्बिया, वनरक्षक महेंद्र सिंह, सुमेर सिंह, योगेंद्र सिंह और किशनलाल गायरी शामिल थे।
हेल्थ चेकअप के बाद जंगलों में छोड़ा रेस्क्यू टीम ने पिंजरे के पास एक ओर पिंजरा लगाकर आधे घंटे की मशक्कत के बाद लेपर्ड को सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद लेपर्ड को पशु चिकित्सालय लेकर गए, जहां डॉ नरेश मीणा ने लेपर्ड का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें लेपर्ड स्वस्थ पाया गया। बाद में वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर लेपर्ड को जंगलों में वापस छोड़ दिया गया।
रेंजर शर्मा ने बताया कि नर लेपर्ड की उम्र 3 से 4 के बीच है। इस रेस्क्यू के बाद मोरचना गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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