![]()
रोडवेज डिपो कार्यालय में बड़ा घोटाला सामने आया है। डिपो के अधिकारी के नीचे काम करने वाले वरिष्ठ सहायक (यूडीसी) ने ही 3 लाख 10 हजार 178 रुपए का गबन कर लिया और गैर संचालन आय की राजस्व रसीदों का दुरुपयोग किया। ऐसे में 8 जुलाई को गंभीर अनियमितताओं के चलत
असल में 8 जुलाई को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के कार्यकारी निदेशक (प्रशासन) चांदमल वर्मा ने एक आदेश जारी किया जिसमें लिखा कि अभिषेक कुमार बघेल पुत्र जगदीश बघेल वरिष्ठ सहायक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम भरतपुर आगार के विरुद्ध निगम राशि 3 लाख 10 हजार 178 रुपए के गबन एवं गैर संचालन आय की राजस्व रसीदों के दुरुपयोग की गंभीर अनियमितता प्रकरण में तुरंत प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय धौलपुर आगार कर दिया। यानि भरतपुर आगार कार्यालय में अधिकारियों की मिलीभगत से गबन किया और रोडवेज बसों के संचालन की आय के अलावा बस स्टैंड पर लगी दुकानों को राजस्व रसीद देकर दुरुपयोग किया। उनसे ली गई राशि कार्यालय में जमा नहीं कराई और न ही कोई हिसाब दिया। दूसरी तरफ बस स्टैंड पर निलंबन के संबंंध में नोटिस बोर्ड पर लगाए गए आदेश भी हटा दिए गए हैं।
2 से 28 अप्रैल तक बिना सूचना रहा अनुपस्थित भरतपुर आगार के वरिष्ठ सहायक अभिषेक बघेल निलंबित होने से पहले भी अनुशासनहीनता करता रहा है। वह 2 अप्रैल से 28 अप्रैल तक बिना सूचना के लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहा था। उसे इस बीच 8 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस घर के पते पर भेजा गया, लेकिन 28 अप्रैल तक बिना सूचना और बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित रहा था।
“निलंबन जयपुर से हुआ रिलीव भी वहीं से सीधे धौलपुर किया है। वहीं से एफआईआर या अन्य कार्रवाई होगी। गबन जैसी कोई बात नहीं है, उसने बस स्टैंड की दुकानों से वसूल किए किराए की राशि को जमा नहीं किया है और वह हिसाब दे देगा। निलंबन के आदेश की प्रति जो उन्हें मिली है, उसे मैं नहीं दिखा सकता।”
-शक्ति सिंह, मुख्य प्रबंधक, भरतपुर आगार
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments