राजस्थान के भिवाड़ी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में बढ़ रही है। गुरुवार को राज्य सरकार ने खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर करने और जिला मुख्यालय को खैरथल से भिवाड़ी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व विभाग के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जिले का नाम बदलने और मुख्यालय स्थानांतरण की अधिसूचना जारी की जाएगी।
पिछली गहलोत सरकार ने 4 अगस्त 2023 को खैरथल-तिजारा को नया जिला घोषित किया था। उस समय जिला मुख्यालय खैरथल को बनाया गया था। भिवाड़ी के लोगों ने उद्योग नगरी होने के नाते इसे जिला मुख्यालय बनाने की मांग उठाई थी। यह मांग उस वक्त पूरी नहीं हो सकी थी।
भिवाड़ी राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है। यह राज्य को सर्वाधिक राजस्व देने वाला क्षेत्र है। इसके बावजूद, जिला मुख्यालय खैरथल को बनाए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर करने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।”

इस खबर के बाद गुरुवार शाम को भिवाड़ी में उत्साह और खुशी का माहौल छा गया। लोग एक-दूसरे को बधाई देने लगे। हालांकि, भिवाड़ी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सावधानी बरती है।
उन्होंने कहा, “जिले का नाम बदलने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन जब तक गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, हम पूरी तरह भरोसा नहीं करेंगे। पहले भी कांग्रेस और भाजपा की कमेटियों ने भिवाड़ी को जिला मुख्यालय बनाने की सिफारिश की थी। लेकिन गहलोत सरकार ने आखिरी वक्त पर फैसला बदलकर खैरथल को मुख्यालय बनाया था। अगर इस बार भी कोई दबाव में फैसला बदला गया, तो भिवाड़ी के लोगों को निराशा हाथ लगेगी।”
भिवाड़ी में पहले से मौजूद हैं जिला स्तरीय कार्यालय भिवाड़ी में पहले से ही बीड़ा कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय, नगर परिषद कमिश्नर कार्यालय, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), बिजली विभाग का अधीक्षण अभियंता (एसई) कार्यालय, महिला थाना, जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) कार्यालय, मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) जैसे जिला स्तरीय कार्यालय संचालित हैं। यह सभी सुविधाएं भिवाड़ी को जिला मुख्यालय के लिए उपयुक्त बनाती हैं।
क्षेत्र और राजस्थान को होगा फायदा डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा-“भिवाड़ी को जिला मुख्यालय बनाने से न केवल स्थानीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राजस्थान को फायदा होगा। भिवाड़ी राजस्थान का मैनचेस्टर कहलाता है, जहां आरबीआई के नोटों की स्याही बनाने का कारखाना, सेंट-गोबेन ग्लास फैक्ट्री और तीसरा कंटेनर डिपो जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र हैं। यह निर्णय औद्योगिक विकास, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुविधाओं को और मजबूत करेगा।”
आगे की प्रक्रिया राजस्व विभाग के प्रस्ताव को अब कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसके बाद जिले का नाम आधिकारिक रूप से भर्तृहरि नगर और जिला मुख्यालय भिवाड़ी हो जाएगा। इस निर्णय से भिवाड़ी के औद्योगिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
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