शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 को लेकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ा खुलासा किया है। 2 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने यूपी की जेएस यूनिवर्सिटी की ओर से बांटी गई बीपीएड की फर्जी डिग्रियों से भर्ती के लिए आवेदन किया था।
दलालों के जरिए बैक डेट में डिग्री लेकर फिजिकल टीचर भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयनित हुए। यूनिवर्सिटी के सर्वर डेटा की जांच में बड़े पैमाने पर जालसाजी का खुलासा होने पर SOG ने शनिवार रात 165 चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
एडीजी (एसओजी व एटीएस) वीके सिंह ने बताया- एसओजी थाने में 2024 में फेक डिग्री और डमी कैंडिडेट का मामला दर्ज किया था। फिजिकल टीचर एग्जाम की जांच की जा रही थी। यूपी में फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की ओर से दी गई डिग्री से एग्जाम में बड़ी संख्या में आवेदन करना सामने आया।
यूनिवर्सिटी के कर्मचारी मोहित गुप्ता से एसओजी ने जानकारी ली। मोहित ने बताया कि वह जेएस यूनिवर्सिटी के सर्वर पर काम करता है। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर डेटा अपडेशन का काम करता है। जेएस यूनिवर्सिटी के सभी कोर्स की मार्कशीट उसी सर्वर के जरिए प्रिंट होती है।
सर्वर पर चेक करने पर सभी मार्कशीट के प्रिंट का डेट और टाइम आता है। इसको चेंज नहीं किया जा सकता। एसओजी की ओर से यूनिवर्सिटी के सर्वर को लॉगिन करवाकर बैकअप डेटा डाउनलोड करवाया। इसे दो हार्ड डिस्क में लिया गया।
बैक डेट में ली डिग्री जांच में पता चला कि फिजिकल टीचर एग्जाम में 2017 से 2022 के बीच जेएस यूनिवर्सिटी की बीपीएड डिग्री लेने वाले कुल 203 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। इनमें से सिर्फ एक को छोड़कर सभी की मार्कशीट भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति के समय, चयन के बाद और बोर्ड में हो रहे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय प्रिंट होना पाया गया है। जो सेमेस्टर एग्जाम रिजल्ट के समय एक ही निश्चित अवधि में प्रिंट होनी चाहिए थी।
जेएस यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर चयनित अभ्यर्थियों की बीपीएड की सभी मार्कशीट फेक तरीके से बैक डेट में दलालों के जरिए प्राप्त होना सामने आया है।

उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की ओर से दी गई डिग्री से एग्जाम में बड़ी संख्या में आवेदन करना सामने आया।
400 की जगह 2082 डिग्रियों से आवेदन वीके सिंह ने बताया- जेएस यूनिवर्सिटी से लिए गए रिकॉर्ड के अनुसार यूनिवर्सिटी को दो साल के बीपीएड कोर्स के लिए मान्यता 2017 से 100 सीटों की मिली थी। आज तक 100 सीटों की ही मान्यता है।
फिजिकल टीचर भर्ती एग्जाम डेट सितंबर 2022 तक की ही डिग्री मान्य थी। जेएस यूनिवर्सिटी से बीपीएड के अधिकतम 400 अभ्यर्थी ही हो सकते थे। लेकिन जेएस यूनिवर्सिटी से डिग्री लिए हुए 2082 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। इससे साफ होता है कि बड़े स्तर पर बैक डेट व निर्धारित सीटों से अधिक संख्या में फेक डिग्रियां जारी की गईं।
फेक तरीके से तैयार की डिग्री लगाई भर्ती में चयनित जेएस यूनिवर्सिटी से डिग्री ले चुके 25 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनकी ओर से आवेदन फॉर्म में बीपीएड कोर्स अन्य यूनिवर्सिटी से पास करना भरा गया था। इन अभ्यर्थियों ने चयन के बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर को जेएस यूनिवर्सिटी से जारी की गई बीपीएड कोर्स की मार्कशीट दी है।
यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वाले 26 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके आवेदन फॉर्म में बीपीएड कोर्स जिस शिक्षा सत्र का भरा है। चयन के बाद उसने दूसरे शिक्षा सत्र की डिग्री दी। जो अधिकांश 15 अक्टूबर 2022 को प्रिंट होना पाई गई।
यूनिवर्सिटी के 9 अभ्यर्थी की ओर से आवेदन फॉर्म में डीपीएड कोर्स भरा। लेकिन चयन के बाद उन्होंने बीपीएड कोर्स की डिग्री प्रस्तुत की। जेएस यूनिवर्सिटी के प्रशासन की ओर से दलालों के मार्फत फेक तरीके से बैक डेट में मार्कशीट/डिग्री जारी की गई।
यूनिवर्सिटी और चयनित अभ्यर्थियों पर FIR शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होना सामने आया। फेक डिग्री से आवेदन कर 165 अभ्यर्थियों के परीक्षा में चयनित होने का पता चला। एसओजी की ओर से जेएस यूनिवर्सिटी, 165 अभ्यर्थियों और एक अन्य के खिलाफ शनिवार रात FIR दर्ज की गई।
इससे पूर्व एसओजी की ओर से फेक डिग्री व डमी कैंडिडेट से एग्जाम पास कर चयनित होने वाले 37 अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसके अलावा विलियम कैरी (मेघालय), कलिंगा (छत्तीसगढ़) और साबरमती (गुजरात/केरल) यूनिवर्सिटी से भी संदिग्ध डिग्रियां सामने आई हैं। एसओजी इस भर्ती धोखाधड़ी में फेक डिग्री रैकेट की पहचान करने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।
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