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झालावाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान भील समाज के एक गुट ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ये लोग भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत के पूर्व में आरक्षण पर दिए गए बयान से नाराज थे। इस मामले में रोत ने बीजेपी को आड़े हाथ लिया है। सांसद का आरोप है क

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विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर झालावाड़ के खंडिया इलाके में विशाल रैली और आमसभा का आयोजन किया गया था। जिसमें सांसद राजकुमार रोत भी शामिल होने पहुंचे थे। समाज के कुछ पदाधिकारी आरक्षण का वर्गीकरण चाहते हैं। राजकुमार रोत ने आरक्षण के वर्गीकरण का विरोध किया था। जिसको लेकर समाज के कुछ लोग विरोध जताने पहुंचे थे। हंगामे को देखकर गुट का नेतृत्व कर रहे अरविंद भील को पुलिस अपने साथ ले जा रही थी। अरविंद को अपने साथ खींच कर ले जाने लगे और पथराव शुरू कर दिया।

पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया।

पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया।

भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव अपने गुट के नेता को पुलिस को ले जाते देख भीड़ आक्रोशित हो गई। रास्ते में समर्थक अरविंद को अपने साथ खींचकर ले जाने लगे। तभी रास्ते में अरविंद के समर्थकों की पुलिस से झड़प हो गई। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। जवाब में पुलिस ने भी बल प्रयोग किया।

हंगामे के पीछे बीजेपी संगठन का हाथ सांसद ने विरोध करने के मामले में बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस हंगामे के पीछे भाजपा संगठन से जुड़े लोग शामिल हैं। जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं। उन्हें बता दूं कि मैंने झालावाड़ से चुनाव नहीं लड़ना। जो लोग मुझसे लड़ने आए। वह समाज के मानसिक विकलांग हैं। जो लड़ाई करने आए थे, उन पर बड़े राजनीतिक घरों के लोगों का श्रेय था।

राजकुमार रोत ने बीजेपी पर हमला करवाने का आरोप लगाया।

राजकुमार रोत ने बीजेपी पर हमला करवाने का आरोप लगाया।

2016 में हमला करने वाले आज हमारे साथ खड़े राजकुमार रोत ने कहा कि मैं अपने दावे के साथ कहता हूं। आज भी जो आए थे कुछ तो नासमझ थे। उनको दुनियादारी से कोई मतलब नहीं। उनको उकसाया गया। वो भी एक दिन साथ खड़े होंगे। जो हमसे 8 साल पहले लड़ाई करने आए थे। वो भाई आज हमारे साथ खड़े हैं। उनके आज समझ मआया, यह हमें खुशी है। हमारे कई साथियों ने हाथ तुड़वाए। जब 2016 में हम पर हमला हुआ था। हमारे साथी आज आसपुर से विधायक हैं। उनका हाथ फ्रैक्चर हुआ था। उनका हाथ तोड़ दिया था। मुझ पर अटैक हुआ था। हमारे ही कुछ भाई जो मानसिक रूप से दिव्यांग थे उन्होंने, लेकिन खुशी इस बात की है कि आज वहीं भाई हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वो शर्मिंदा हैं उस बात के लिए कि उसने किसी के कहने पर हम पर हमला किया। बांसवाड़ा में अटैक हुआ था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें बांट रहे हैं। लेकिन हमें तो अपने लिए लड़ना पड़ेगा और लड़ेंगे। रोत का प्रदेश सरकार पर निशाना सांसद रोत ने स्कूल में छत गिरने से हुई 7 बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भजनलाल सरकार की 10 लाख रुपए की घोषणा केवल औपचारिकता है। इस घटना के बाद प्रशासन ने अंतिम संस्कार में मां-बाप को भी अग्नि संस्कार नहीं करने दिया, जबकि प्लेन हादसे में 1 करोड़ का मुआवजा दिया। समाज के बच्चों को 10 लाख अभी नहीं दिए। यह सहायता तो सरकार की योजना है। सरकार ने अलग से कुछ नहीं दिया। केवल ड्रामा कर रहे हैं।



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