पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा बांध ‘जवाई’ लबालब हो चुका हैं। बांध के कुल 13 में से 8 गेट शनिवार को खोल दिए गए थे, जिन्हें देर शाम घटाकर 7 कर दिया गया।
इनमें गेट न. 2, 3, 4, 5, 6 के अलावा 9, 10 और 11 को खोला गया है। फिलहाल सभी गेट 5 फीट तक खोले गए है, जिनसे पानी निकासी जारी है। हालांकि 6 नंबर गेट को देर शाम बंद कर दिया गया।
इसके निर्माण से लेकर अब तक में 10वीं बार हैं, जब जवाई बांध के गेट खोले गए थे। इससे पहले 2023 में डैम के गेट खोले गए थे। जवाई नहर खंड सुमेरपुर के अधिशाषी अभियंता राज भंवरायत ने बताया कि कुल भराव क्षमता 61.25 फीट है।
पाली शहर में शनिवार दोपहर कांग्रेस नेता की कार गड्ढे में फंस गई। जिसे बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। रोहट थान क्षेत्र में तीन युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत नदी में गिर गए। जिन्हें रेस्क्यू कर बचाया गया। वहीं 2 युवक भी नदी में बह गए।
इधर, सादड़ी में जोधपुर एम्स के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुंतल अपनी पत्नी सुदेशना के साथ सादड़ी से देसूरी जा रहे थे। इस दौरान गुड़ा जाटान स्थित तनोट माताजी मंदिर के आगे एक बरसाती नाले में उनकी कार पानी के तेज बहाव में फंस गई।
फोटो में देखें जवाई बांध के खोले गए गेट…

सबसे पहले जवाई बांध के 2 और 4 नंबर गेट को खोला गया था।

2 और 4 नंबर गेट को 2-2 फीट तक खोल बांध से पानी छोड़ा गया।



बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स यहां पढ़ें…
जवाई बांध के गेट खोले: दो साल बाद पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध के चार गेट खोले गए। इस दौरान 1, 2, 4 और10 नंबर गेट को खोला गया। इसके साथ ही जालोर जिले में भी इसे लेकर अलर्ट किया गया है।
समाधि स्थल पर आया पानी: जिले से निकलने वाली सिरियारी नदी उफान पर है। सुबह नदी का पानी आचार्य भिक्षु की समाधि स्थल तक आ गया। इस दौरान यहां मौजूद लोगों को ट्रैक्टर से गांव तक पहुंचाया।
नदियां उफान पर रास्ता बंद: मगरा क्षेत्र और खिंवाड़ा क्षेत्र में अच्छी बरसात होने से शनिवार का खिंवाड़ा नदी उफान पर नजर आई। पूल के ऊपर करीब दो फीट तक पानी बहता नजर आया। ऐसे में खिंवाड़ा से देसूरी, पाली, नाडोल की तरफ जाने वाला रास्ता बंध होने से यातायात प्रभावित रहा।
फोटो में देखिए बारिश के बाद कैसे हुए हालात…

पाली शहर में कांग्रेस नेता की कार गड्ढे में फंस गई। इस दौरान लोगों ने धक्का मार उसे बाहर निकाला।

फोटो सादड़ी के पास की है। जहां एम्स के असिस्टेंट प्रोफेसर की कार फंस गई थी।

फोटो सादड़ी के परशुराम महादेव मंदिर का है। सादड़ी-रणकपुर एरिया में हुई बारिश के बाद यहां का झरना तेज वेग में बहा।

फोटो फुलाद डैम की रपट का है। रपट पार करते समय यहां गायें बह गई।

समाधि स्थल पर आए लोगों को ट्रैक्टर में बैठाकर गांव में लाया गया।

फोटो भिक्षु समाधि स्थल का है। यहां पानी भरने के बाद श्रद्धालु गांव की तरफ निकले।
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