ये कहना है जैसलमेर के खेत सिंह (50) के चाचा रेवत सिंह भाटी का। 2 सितंबर की रात जैसलमेर से 70 किमी दूर फतेहगढ़ के डांगरी गांव में हिरण का शिकार करने से रोकने पर बदमाशों ने खेत में सो रहे किसान खेत सिंह की हत्या कर दी।
किसान की हत्या के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। भीड़ गांव में घुस गई। बाड़ों में आग लगा दी। लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पत्थर फेंके। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
पथराव में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। बुधवार देर रात प्रदर्शनकारियों और प्रशासन में वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ। गुरुवार को खेत सिंह का दाह संस्कार हुआ।
ऐसे हालात के बीच सच जानने के लिए भास्कर टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची।
पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

2 हजार की आबादी वाले गांव में सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात हैं।
शुक्रवार सुबह डांगरी गांव की तस्वीर ही बदली हुई थी। गांव के बाहर टूटी दुकानें…मुख्य सड़क पर सुलगते टायर…गलियों में पड़े पत्थर…टूटी गाड़ियां, बिखरे कांच। ये सब गवाही दे रहे थे, 2 दिन में मची तबाही की।
2 हजार की आबादी वाले गांव में सैकड़ों पुलिसवाले तैनात थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर थी। गांव की हर गली सूनी थी। कोई बाहर नजर नहीं आया। कुछ लोग बाहर दिखे, लेकिन वे भी घटना को लेकर कुछ भी कहने से कतरा रहे थे।
काफी कोशिशों के बाद एक ग्रामीण हीरालाल बात करने को राजी हुए। बोले- आरोपियों के 10 से 15 घर गांव में हैं। लंबे समय से उनका यहां आतंक है। हर समय लोगों को परेशान करते हैं।

इसी जगह पर आरोपियों ने खेत सिंह पर जानलेवा हमला किया था।
आरोपियों के घरों में लगा था ताला
आरोपी लाडू खान, आलम खान और खेते खान के परिवार के 10 से 15 घर गांव में हैं। हत्या का पता चलने के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए परिवार के लोग गुरुवार सुबह ही घरों को ताला लगाकर गांव से चले गए।
घरों के बाहर गाड़ियां खड़ी थी। गुस्साई भीड़ ने गुरुवार को पत्थर मारकर इन गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। पास रखे टायरों में आग लगा दी। खाली घरों पर पत्थर फेंके। शुक्रवार को भी आरोपियों के घर और मस्जिद के बाहर पुलिस जाब्ता तैनात था।

गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।
पत्नी बार-बार हो रही बेहोश
इसके बाद भास्कर टीम खेत सिंह के घर पहुंची, जो गांव से 10 किलोमीटर दूर एक ढाणी में है। वहां पहुंचते ही कच्चे घर से महिलाओं के रोने की आवाजें सुनाई दीं। खेत सिंह की पत्नी चंद्र कंवर महिलाओं के बीच बेसुध पड़ी थी। मौजूद महिलाओं ने कहा कि जब से पति की हत्या का पता चला है पूरी तरह से होश में नहीं है। बार-बार बेहोश हो जाती है।
इधर, खेत सिंह की बेटी मंजू भी सदमे में थी। मंजू से बात करने की कोशिश की, लेकिन उसके आंसू नहीं रुक रहे थे। रुंधे गले से कुछ बोलने की कोशिश की, लेकिन नहीं बोल सकी। पास में छोटे भाई स्वरूप सिंह के घर में गांव व परिवार के पुरुष जमा थे। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह और शिव विधायक रविंद्र सिंह भी वहां मौजूद थे।

खेत सिंह की पत्नी चंद्र कंवर बार-बार बेहोश हो रही थीं।

खेत सिंह की बेटी मंजू का रो-रोकर बुरा हाल था।
शिकार के लिए टोकने से शुरू हुआ विवाद
भास्कर ने वहां मौजूद खेत सिंह के चाचा रेवत सिंह से बात कर रंजिश की वजह जानने की कोशिश की। रेवत सिंह ने कहा कि हमारे मवेशी ढाणी से 8 किलोमीटर खेत में रहते हैं। खेत सिंह रात को मवेशियों की देखभाल के लिए वहीं सोता था। आस-पास ओरण भूमि है। वहां रात में जानवर आते हैं। गांव के लाडू खान, आलम खान व खेते खान इन जानवरों का शिकार करते हैं।
कुछ दिन पहले ये लोग हिरण का शिकार करने आए थे। हाथ में टोपीदार बंदूक थी। खेत सिंह ने उनको रोका। टोकने से नाराज आरोपी खेत सिंह का बकरा ले जाने लगे। खेत सिंह को गुस्सा आया। उन्होंने आरोपी के पिता अल्लाहबख्श को फोन किया। अल्लाहबख्श ने खेत सिंह को आश्वासन दिया कि वह निश्चिंत रहे, बच्चे कुछ नहीं करेंगे। शिकार के लिए टोकने और पिता को शिकायत करने पर आरोपियों ने रंजिश पाल ली। वो लोग खेत सिंह से बदला लेने का मौका तलाशने लगे।
लहूलुहान हालत में सरकते हुए दूसरे खेत तक पहुंचा
रेवत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने खेत सिंह से बदला लेने के लिए 2 सितंबर की रात उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। हथियारों से सिर फोड़ दिया। हाथ-पैर तोड़ दिए। आरोपियों के जाने के बाद खेत सिंह लहूलुहान हालत में रातभर में एक हाथ से सरकता हुआ 150 मीटर दूर पड़ोसी के खेत तक पहुंचा।
बोलने की क्षमता नहीं थी। ऐसे में हाथ हिलाया। पड़ोसी कृषा पास आया तो उसे कहा- पानी पिला दो। पानी पिलाने के बाद कृषा ने परिवार के पेप सिंह को बताया। वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने खेत सिंह के परिवार को कॉल कर बताया कि वह जख्मी हालत में खेत में पड़ा है। रात में गांव के लाडू खान, आलम खान व खेते खान ने उससे मारपीट की।
सूचना पर परिवार पहुंचा और खेत सिंह को फतेहगढ़ अस्पताल ले गए। वहां से बाड़मेर शिफ्ट रेफर किया। जहां इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया।

बुधवार सुबह ग्रामीण खेत में पहुंचे तो खेत सिंह घायल हालत में मिले थे।
घटना स्थल पर उलटी पड़ी थी खाट
इसके बाद भास्कर टीम माैका-ए-वारदात पर यानी खेत सिंह के खेत में पहुंची। आस-पास पवन चक्कियों की आवाज गूंज रही थी। घटना स्थल पर सबूतों को पुलिस ने प्लास्टिक के टब से कवर कर रखा था। खाट उलटी पड़ी थी। परिवार की देवी सिंह ने बताया कि खेत सिंह खाट पर सो रहा था। जब आरोपियों ने उस पर हमला किया। मुंह में कपड़ा ठूंसा ताकि चिल्ला न सके। इसके बाद इतना पीटा कि वह उठ कर खड़ा नहीं हो सका। रात ही पता चल जाता तो शायद खेत सिंह को बचाया जा सकता था।
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जैसलमेर में हिरण का शिकार करने से रोकने पर हत्या:सोते हुए किसान के सिर पर किए वार, इलाज के दौरान मौत; ग्रामीणों ने दुकान जलाई

जैसलमेर में हिरण का शिकार करने से रोकने पर बदमाशों ने किसान की हत्या कर दी। आरोपियों ने खेत में सो रहे किसान के सिर पर धारदार हथियार से वार किए। घायल किसान पूरी रात खेत में पड़ा रहा। (पढ़ें पूरी खबर)
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