☜ Click Here to Star Rating


जयपुर की रियासतकालीन परंपरा के अनुसार आज शाम 6 बजे तीज माता की शाही सवारी निकाली जाएगी। राजसी ठाठ-बाठ के साथ निकलने वाली इस परंपरागत शोभायात्रा की शुरुआत सिटी पैलेस के जनानी ड्योढ़ी से होगी। यहां पूर्व राजपरिवार के सदस्य तीज माता की विधिवत पूजा-अर्चन

.

इस बार शोभायात्रा के दौरान पहली बार छोटी चौपड़ पर तीज माता की महाआरती की जाएगी। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक एकत्र हुए हैं। महाआरती के साथ-साथ यहां लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां भी होगी। जो समारोह को और भी जीवंत बनाएंगी।

बड़ी संख्या में लोग त्रिपोलिया गेट पर पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ लोग मौजूद हैं।

बड़ी संख्या में लोग त्रिपोलिया गेट पर पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ लोग मौजूद हैं।

राजसी लवाजमे और लोक संस्कृति की झलक

शाही सवारी में हाथी, ऊँट, घोड़े, बैल, शहनाई, नगाड़ा और विभिन्न बैंड शामिल रहेंगे। शोभायात्रा के दौरान लगभग 200 लोक कलाकार राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से आकर अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें कालबेलिया, कच्छी घोड़ी, घूमर जैसे लोकनृत्य शामिल हैं, जो राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की झलक पेश करेंगे।

इस बार शोभायात्रा को और भी भव्य बनाने के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से पुलिस, जेल और आरएसी के बैंड को शामिल किया गया है। साथ ही सवाई मान गार्ड का शाही बैंड भी शोभायात्रा में सम्मिलित होगा, जिसकी व्यवस्था जयपुर सिटी पैलेस प्रशासन द्वारा की गई है।

तीज माता की सवारी से पहले महिलाएं मेहंदी लगवाती नजर आईं।

तीज माता की सवारी से पहले महिलाएं मेहंदी लगवाती नजर आईं।

पौण्ड्रिक पार्क में तीज मेला

तीज उत्सव के तहत इस बार पौण्ड्रिक पार्क में पारंपरिक तीज मेले का आयोजन किया गया है। मेले में महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पादों का क्राफ्ट मार्केट, राजस्थानी व्यंजनों के फूड स्टॉल, पारंपरिक मेहंदी-मांडणे, और महिलाओं के लिए झूले लगाए गए हैं। मेले में लोक कलाकारों द्वारा नित्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

विदेशी सैलानियों से लेकर आम नागरिकों तक का उत्साह

जयपुर का यह दो दिवसीय तीज उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी है, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों के साथ देश-विदेश से आए पर्यटक भी हिस्सा ले रहे हैं। रंग-बिरंगी सजावटों से सजे बाजार, सजीव लोककलाएं और पारंपरिक साज-सज्जा जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को फिर से जीवंत कर रही है।

लाइव प्रसारण और व्यापक प्रचार

पर्यटन विभाग की ओर से इस आयोजन का प्रचार विभिन्न विभागीय वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा है। तीज उत्सव का लाइव प्रसारण जयपुर शहर में लगे एलईडी स्क्रीनों पर और संपूर्ण राजस्थान में डीओआईटी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे हर कोई इस अद्भुत आयोजन का हिस्सा बन सके।

परकोटे में लोगों के लिए जगह-जगह कलाकार परफोर्म कर रहे।

परकोटे में लोगों के लिए जगह-जगह कलाकार परफोर्म कर रहे।

बड़ी संख्या में लोग तीज माता की सवारी देखने पहुंचे।

बड़ी संख्या में लोग तीज माता की सवारी देखने पहुंचे।

इस बार तीज की सवारी के अलावा भी सड़कों पर अलग-अलग आयोजन किए गए हैं।

इस बार तीज की सवारी के अलावा भी सड़कों पर अलग-अलग आयोजन किए गए हैं।

विदेशी टूरिस्ट भी तीज फेस्टिवल में शामिल होने त्रिपोलिया गेट पर पहुंचे।

विदेशी टूरिस्ट भी तीज फेस्टिवल में शामिल होने त्रिपोलिया गेट पर पहुंचे।

ये भी पढ़ें…

तीज और गणगौर माता की सवारी में क्या है अंतर:पालकी, रंग और परंपरा भी अलग-अलग; जानिए- कैसे मनाई जाती है तीज

जयपुर में हर साल सावन में तीज और चैत्र में गणगौर माता की सवारियां निकाली जाती हैं। दोनों ही नगर भ्रमण पर निकलती हैं। इनके स्वरूप, सवारी के तरीके और धार्मिक भाव में फर्क है। दोनों पर्वों से जुड़ी ये शाही सवारियां केवल रस्म नहीं, बल्कि जयपुर राजपरिवार की परंपरा और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। (पूरी खबर पढ़ें)



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading