जयपुर में सोमवार शाम शुरू हुई बारिश ने शहर की पोल खोलकर रख दी। कुछ ही घंटों में हुई 4 इंच बारिश के बाद सड़कें पानी से लबालब हो गई। रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर देर रात तक चलता रहा।
बारिश के बाद मंगलवार सुबह सड़कों की हालत खराब दिखी। लोग जगह-जगह हुए गड्ढों और जलभराव की समस्या से परेशान दिखे। कॉलोनियों में कीचड़ फैल गया है। सड़कें धंस गईं। बावड़ी की दीवार गिर गई। शहर की मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में दुकान मालिक अपनी दुकानों की सफाई करते नजर आए।
जयपुर के हालत का जायजा लेने भास्कर रिपोर्टर शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे। आगे पढ़िए जयपुर की ग्राउंड रिपोर्ट…

गोलीमार सदन स्थित सीताराम गली में बावड़ी की दीवार गिर गई। इससे पानी लोगों के घरों के बाहर जमा हो गया।
लोकेशन 1- गोलीमार सदन, ब्रह्मपुरी
हालात- बारिश में दीवार गिरी
गोलीमार सदन स्थित सीताराम में बीती रात हुई बारिश के बाद घरों के बाहर पानी भरा रहा। यहां बारिश के कारण बावड़ी की दीवार गिर गई। स्थानीय निवासी विकास शर्मा ने बताया- यहां स्थित बावड़ी 50-60 साल पुरानी है। इसमें कभी इतना पानी नहीं भरता था। पिछले साल ही इसकी सफाई हुई है। इसमें जो भी कचरा था। वह प्रशासन ने बाहर निकला दिया था। इसके बाद इसमें नाले चालू हो गए। पानी इसमें बहने लग गया।
सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद यह दीवार गिर गई। हमारी गली 3 फुट की है। घर को बाहर से मंगलवार को भी पानी बह रहा है। हम पूरी रात सोए भी नहीं है। हमने रात को खाना भी नहीं खाया। घरों की नींव में पानी जा रहा है। जब तक इस बावड़ी में आने वाले घरों के नाले बंद नहीं होते, तब तक हमारे घरों में यह समस्या रहेगी। प्रशासन की ओर से काफी धीमी रफ्तार में काम किया जा रहा है। कल रात को भी एक पंप से पानी निकालने का काम किया गया। जिसे बाद में रोक दिया और आज भी एक पंप से ही से पानी निकल गया।

झालाना क्षेत्र आरआईसी जाने वाली सड़क एक तरफ से धंस गई। यहां पत्थरों की मदद से बैरिकेडिंग की गई।
लोकेशन 2- झालाना
हालात – सड़क किनारे से धंसी, कवर करने के लिए लगाए सिर्फ पत्थर
झालाना इलाके में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जाने वाली सड़क पर बीते रात बारिश के बाद एक बड़ा गड्ढा हो गया। इस गड्ढे के किनारे पर प्रशासन की ओर से पत्थर लगाए गए हैं। वही, एक तरफ बैरिकेडिंग की गई है। यहां से जा रहे वाहन चालक चेतन वर्मा ने बताया- शहर भर में इस तरह के गड्ढे बने हुए हैं। उन पर सिर्फ बैरिकेडिंग लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
शहर में सड़कों पर चलना किसी मुसीबत से कम नहीं। जाने कब हादसा हो जाए। झालाना से इस रूट पर निकलने वाले वाहन तेजी से निकलते हैं। गलती से कोई वाहन इसके पास से भी निकला तो सड़क के धंसने की आशंका भी है।

परिवहन विभाग के ऑफिस के पास सड़क धंस गई। इसे ठीक करने का काम भी शुरू कर दिया गया।
लोकेशन 3- सहकार मार्ग, परिवहन विभाग के सामने
हालात- सड़क धंसी, आज ही सुधारने का काम शुरू
जयपुर में बीती रात तेज बारिश के बाद सहकार मार्ग स्थित परिवहन विभाग ऑफिस के पास सड़क धंस गई। पहले एक छोटे हिस्से की सड़क धंसी, फिर लंबी दूरी तक एक हिस्सा धंस गया। यहां सड़क को सही करने के लिए मंगलवार सुबह विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सड़क दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए। इसके बाद गड्ढे को भरकर सड़क को सही करने का काम शुरू हुआ है।

रामगंज से घाट गेट की ओर जाने वाली रास्ते पर सड़क के बीच गड्ढा हो गया।
लोकेशन 4- लुहारों का खुर्रा, घाटगेट
हालात- सड़क पर एक बड़ा हॉल हुआ। फिलहाल के लिए गड्ढे पर रखा बेरिकेड
रामगंज से घाट गेट की ओर जाने वाली रास्ते पर बारिश के कारण बीती रात सड़क पर गड्ढा हो गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने गड्ढे के ऊपर बैरिकेड्स लगा दिए। स्थानीय निवासी रफीक ने बताया- अधिकारियों ने इस गड्ढे के बारे में जानकारी भी नहीं ली। फिलहाल पुलिस ने गड्ढे को ढक दिया है। बैरिकेड लगाने के कारण यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति हो रही है। रामगंज से घाट गेट जाने वाले रास्ते की चौड़ाई कम है। ऐसे में बैरिकेड लगाने के कारण वाहनों को यहां से निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भूरिया की प्याऊ क्षेत्र में जगह-जगह से सड़क में गड्ढे हैं। बीती रात बारिश से इनमें पानी भर गया।
लोकेशन 5- भूरिया की प्याऊ, घाटगेट
हालात- सड़कें टूटी, बारिश के पानी के साथ सड़क पर सीवरेज का पानी
घाटगेट क्षेत्र में ही भूरिया की प्याऊ पर भी सड़कें टूटी नजर आईं। सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भरा रहा। स्थानीय निवासी का गफूर ने बताया- कुछ समय पहले यहां कुछ घरों के लिए सीवरेज का काम किया गया था। घरों में सीवरेज लाइन जोड़ने के लिए सड़क खोदी गई थी। इसके बाद से ही यह रोड आए दिन टूटती रहती है। बारिश में सीवरेज का पानी भी सड़क पर जमा रहता है। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं, टूटी सड़क होने से आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर जाते हैं।

मोहना रोड पर जगह-जगह गड्ढे हैं। बारिश में इनमें पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
लोकेशन 6- मुहाना मंडी रोड
हालात- गड्ढों में जलभराव की स्थिति
मुहाना मंडी के गेट नंबर 3 और मोहना रोड पर सड़कें टूटी हुई हैं। बीती रात हुई बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया। यहां से गुजर रहे वाहन चालक श्रवण कुमार ने बताया- मुहाना रोड की स्थिति शहर में काफी खराब है। यहां से जयसिंहपुरा जाने वाली रोड और मालपुरा से जुड़ने वाली रोड दोनों ही तरफ से सड़कें टूटी हुई है। आलम यह है कि सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते। यहां आए दिन टूटी सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सब जानकर भी अनजान है।

सिरसी रोड पर जगह-जगह भरे पानी के कारण गाड़ियां गड्ढों में फंसती रही।
लोकेशन 7- सिरसी रोड
हालात- 2 किलोमीटर तक जगह पर जगह-जगह गड्ढे
सिरसी रोड पर जगह-जगह गड्ढे वाहन चालकों को परेशान कर रहे हैं। रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट से लेकर अलंकार कॉलेज मोड तक लगभग 2 किलोमीटर तक सड़क पर एक से डेढ़ फीट तक के गड्ढे हैं। यहां से वाहनों को निकलना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। बीती रात हुई बारिश के बाद गढ़ों में कुछ गाड़ियां फंस गई थी। इसके बाद अब दोपहिया वाहन चालक रॉन्ग साइड मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा गड्ढों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है। लेकिन सिरसी रोड पर दो से तीन किलोमीटर तक के क्षेत्र में अब तक गड्ढे को नहीं भरा गया है। जो मानसून के इस मौसम में सड़क हादसों को न्योता दे रहे हैं।

मान्यवास स्थित इंजीनियरिंग कॉलोनी में गड्ढों में पानी भर गया है। वहीं, आसपास मिट्टी जमा हो गई है।
लोकेशन 8- इंजीनियरिंग कॉलोनी, मान्यवास
हालात- वाहन चालक गड्ढों में गिर रहे मानसरोवर के मान्यवास स्थित इंजीनियरिंग कॉलोनी में अधिकतर सड़कों पर गड्ढे हैं। इनमें बारिश का पानी भर गया। स्थानीय निवासी सुरेश सैनी ने बताया- चौराहे पर गड्ढे होने के कारण दो पहिया वाहन स्लिप होकर गिर जाते हैं। का भी सड़क की मिट्टी में फंस जाती है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया।
जयपुर विकास प्राधिकरण की आयुक्त आनंदी ने बताया- जयपुर में बारिश के बाद बिगड़े हालात को सुधारने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की टीम लगातार फील्ड में काम कर रही है। शहर की तमाम टूटी सड़कों की मरम्मत के साथ ही जल भराव की समस्या का निस्तारण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अब तक 1600 से ज्यादा स्थानों पर पंप लगाकर जल निकासी की जा चुकी है। वहीं 1500 से ज्यादा स्थानों पर मिट्टी के कट्टों का इस्तेमाल कर गढ़ों और पानी के कटाव को भर गया है।
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