हेरिटेज निगम ने अब तक 8 बिल्डिगों को सील कर दिया है।
जयपुर में जर्जर हो चुकी बिल्डिंगों को मानसून के दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए नगर निगम ने अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र में अब तक कुल 48 बिल्डिंगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से आठ बिल्डिंगों को सील किया ज
जयपुर नगर निगम हेरिटेज विजिलेंस विंग के डिप्टी कमिश्नर RPS पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- नगर निगम शहर में जर्जर इमारत के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसके लिए निगम ने एक विशेषज्ञ कमेटी भी गठित की है। इस कमेटी ने फिलहाल नगर निगम हेरिटेज के चारों जोन में 48 बिल्डिंग को चिह्नित किया है। जो काफी ज्यादा जर्जर और बदहाल हालत में है। इनमें भी हमने सबसे पहले किशनपोल जोन की 8 बिल्डिंग को सिलेक्ट किया है। जो बहुत ज्यादा जर्जर हालत में है। इन्हें सील कर दिया गया है। क्यों कि यह सभी बिल्डिंग बहुत ज्यादा बुरी कंडीशन में है। जो कभी भी टूट गिर सकती है।

परकोटे में जर्जर बिल्डिंगों का जायजा लेने पहुंचे नगर निगम विजिलेंस विंग के डिप्टी कमिश्नर RPS पुष्पेंद्र सिंह राठौड़।
किशनपोल जोन में तीन बिल्डिंग गिराकर अभियान की शुरुआत होगी
राठौड़ ने बताया कि इन बिल्डिंगों के जर्जर होने के पीछे एक प्रमुख समस्या यह भी है कि यहां काफी लंबे वक्त से किराएदार रह रहे हैं। वहीं, मकान मालिक चाहता है कि किराएदार मकान खाली करें। ऐसे में वह पुरानी बिल्डिंग को रिनोवेट नहीं करवा रहे हैं। इसकी वजह से बिल्डिंग बहुत बुरी स्थिति में पहुंच गई है। इन जगहों पर बारिश के दौरान कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। ऐसे में हमने उन सभी जर्जर बिल्डिंग को सील कर ध्वस्त करने का फैसला किया है। शुरुआत में नगर निगम की टीम किशनपोल जोन में तीन बिल्डिंगों को ध्वस्त कर अपने अभियान की शुरुआत करेगी। यह प्रक्रिया सोमवार से शुरू की जाएगी।
जर्जर बिल्डिंग को समझाइश कर खाली करवाया जा रहा
बता दें कि स्वायत्त शासन विभाग के आदेश के बाद नगर निगम हेरिटेज में पुरानी और जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को चिह्नित करने के लिए कमिश्नर ने एक विशेष टीम का गठन किया था। इस टीम ने हेरिटेज निगम क्षेत्र में कुल 48 बिल्डिंग को चिह्नित किया है। इनमें से अधिकतर बिल्डिंग किशनपोल जोन में है। जहां जर्जर अवस्था के बावजूद काफी लोग पुरानी बिल्डिंगों में रह रहे है। ऐसे में नगर निगम द्वारा न सिर्फ जर्जर बिल्डिंग को समझाइश कर खाली करवाया जा रहा है। बल्कि, उन्हें सील भी किया जा रहा है। ताकि मानसून के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
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