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पाक तस्करों ने ड्रोन से हेरोइन ड्रोपिंग (नशे का पदार्थ गिराना) के लिए खाजूवाला बॉर्डर पर रेतीले टीबे की सुरक्षित लोकेशन चुनी। वहां दो बार ड्रोन से हेरोइन गिराई जिसकी डिलीवरी सक्सेस रही, लेकिन तीसरी बार ड्रोन का कंट्रोल बिगड़ा और रेतीले टीबे की बजाय नज
पाकिस्तान से खाजूवाला बॉर्डर पर ड्रोन के जरिये लगातार हेरोइन गिराए जाने की पड़ताल की गई तो सामने आया कि पंजाब का हार्डकोर तस्कर जसवंतसिंह खुद खाजूवाला आया था। उसी ने रुपयों का लालच देकर चक 24 बीडी निवासी दुलाराम कुम्हार को हेराईन तस्करी में सहयोग के लिए तैयार किया। दोनों की बातचीत के बाद जसवंत चला गया और करीब 15 दिन बाद 16 जुलाई को दुलाराम को फोन किया जो रावला से पंजाब के रहने वाले लाभसिंह को बाइक पर लेकर खाजूवाला अपने घर ले गया।
दोनों ने चक 24 बीडी में रेतीले टीबे से जसवंत को लोकेशन भेजी। उसने पाक तस्करों को लोकेशन भेज दी जहां से ड्रोन के जरिये दो पैकेट गिराए गए। हेरोइन लेने के बाद अगले दिन सुबह दुलाराम ने बाइक पर लाभसिंह को रावला छोड़ दिया। जसवंत ने 26 जुलाई को फिर से दुलाराम को फोन किया।
दुलाराम ने वही रेतीले टीबे की लोकेशन भेजी और पाक तस्करों ने रात को ड्रोन से हेरोइन के दो पैकेट गिराए। दुलाराम ने दोनों पैकेट रेत में छिपा दिए। अगले दिन दोनों पैकेट लेकर रावला गया और लाभसिंह को दिए। तीसरी बार 10 अगस्त को भी जसवंत ने फोन किया और दुलाराम ने वहीं रेतीले टीबे की लोकेशन भेजी। लाभसिंह डिलीवरी लेने खाजूवाला पहुंच गया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण पाकिस्तान से ड्रोन डोपिंग नहीं की जा सकी। लाभसिंह चला गया।
अगले दिन 11 अगस्त की रात को पाक से ड्रोन आया और उसका कंट्रोल बिगड़ने के कारण 1.665 किग्रा हेरोइन रेतीले टीबे की बजाय 21 बीडी ए में बलतेजसिंह के खेत में गिरी जिसे पुलिस-बीएसएफ ने बरामद कर लिया था। उसके बाद भी पंजाब से जसवंत ने चौथी बार हेरोइन तस्करी के लिए दुलाराम को फोन किया, लेकिन उसे रामदेवरा जाना था जिससे डोपिंग नहीं की जा सकी। बाद में पुलिस ने दुलाराम को गिरफ्तार कर लिया था।
दो बार हेरोइन डिलीवरी के लिए दुलाराम को 80,000 रु. दिए : पाक तस्करों से हेरोइन डोपिंग की दो बार सफल डिलीवरी के लिए पंजाब के तस्करों ने 80,000 रुपए दुलाराम को दिए। पंजाब के हार्डकोर तस्कर जसवंत ने खाजूवाला निवासी दुलाराम को अपने साथ मिलाया और एक बार डिलीवरी के 15000 रुपए देना तय किया था। लेकिन, डिलीवरी सक्सेस होने और आगे भी लगातार हेरोइन तस्करी जारी रखने के लिए पहली बार डिलीवरी होने पर दुलाराम को 30,000 रु. और दूसरी बार डिलीवरी पर 50,000 रुपए दिए गए। बाद में बीएसएफ और पुलिस ने श्रीगंगानगर के रावला में सुखवंतसिंह और लाभसिंह को गिरफ्तार किया और हेरोइन बरामद की थी। बीकानेर और श्रीगंगानगर दोनों जिलों की पुलिस को पंजाब तस्कर जसवंत की तलाश है। उसके ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
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