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राजस्थान में पहला सेक्स सोर्टेड सीमन बैंक आज से जयपुर के बस्सी में शुरू हो गया। डेयरी एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने आज इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर मंत्री ने कहा- प्रदेश में नंदी की देखरेख करना मुश्किल हो रहा है। वह शहरों-गांवों में भटक रहे
जयपुर के आरसीडीएफ में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डेयरी मंत्री कहा- राज्य में बढ़ती नंदी (नर गौवंश) की संख्या से सरकार पर भी आर्थिक भार बढ़ रहा है। शहरों और गांवों में इन नंदी का पालन-पोषण कोई नहीं हो रहा, जिसके कारण सड़क पर इधर-उधर भटकते रहते है। सरकार नंदीशाला संचालन के लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है, लेकिन फिर भी इनकी संख्या अधिक होने के कारण इनका पालन-पोषण नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा, ज्यादा गायों के पैदा होने से न केवल नंदी की संख्या कंट्रोल होगी, बल्कि किसानों-पशुपालकों को भी इसका फायदा होगा और दूध का उत्पादन बढ़ेगा। इस मौके पर बस्सी में ही बनने वाले बायोगैस प्लांट के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) और राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के बीच एमओयू हुआ। इस मौके पर नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष मीनेष शाह, आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्वाज, जयपुर डेयरी के एमडी मनीष फौजदार भी मौजूद रहे।
इन दरों पर मिलेगा सीमेन
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) और एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (NDS) ने बस्सी सीमेन स्टेशन (BSS) के प्रबंधन और संचालन के लिए एमओयू किया है। इस समझौते का उद्देश्य राजस्थान में पशु कृत्रिम गर्भाधान के लिए पारंपरिक और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन डोज का उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाना है। आरसीडीएफ ने बस्सी सीमेन स्टेशन का प्रबंधन 10 वर्षों के लिए NDS को सौंपा है।
पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया- इस बैंक में एनडीएस प्रति साल लगभग 10 लाख सेक्स-सॉर्टेड सीमेन डोज का उत्पादन करेगा। सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के लिए पशुपालक को 239 प्रति डोज, स्वदेशी पारंपरिक सीमेन के लिए 22 और आयातित नस्ल के सीमेन के लिए 30 प्रति डोज निर्धारित किया है। लेकिन हम डेयरी संघों से जुड़े पशुपालकों को सेक्स-सॉर्टेड सीमेन केवल 50 रुपए में उपलब्ध करवाएंगे। ये सीमेन बाजार में सरसर की ब्रांडिंग के तहत बेचा जाएगा।
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