दौसा में लगातार हो रही बारिश से बांधों में पानी की आवक हो रही है और मोरेल बांध पर चादर चल रही है।
मानसून सीजन में दौसा जिला पूरी तरह तरबतर हो गया है। जिले में अब तक 898.96 एमएम (140.36%) औसत बारिश हो चुकी है। इस बार जिले में दौसा शहर में सर्वाधिक 1414 एमएम दर्ज की गई है। इसके बाद सिकराय में 1249 एमएम, लालसोट में 1208 एमएम, मोरेल डेम पर 1137 एमएम
वहीं जिले के 39 में से 25 बांधों में पानी की आवक हुई है, जिनमें से फिलहाल 5 बांध मोरेल, झिलमिली, डिवांचली, नामोलाव और सूरजपुरा बांध पर चादर चल रही है। साथ ही हरिपुरा, महेश्वरा भी लबालब भर गए हैं। इसके साथ ही गेटोलाव में 80 प्रतिशत, कालाखो में 64, रेडिया में 92, चांदराना में 40, सिन्थोली में 90, रामपुरा में 55, भांकरी में 84, पापडदा में 22, बडागांव खेडला में 25, पावटा में 33 और हुडला बांध में 45 प्रतिशत पानी की आवक हुई है।

दौसा के पास सूरजपुरा बांध लगातार दूसरे साल ओवरफ्लो हुआ है। इससे आसपास के 30 गांवों का जलस्तर बढ़ेगा।
अब तक यहां हुई न्यूनतम बारिश जिले न्यूनतम बारिश की बात करें तो सैंथल क्षेत्र में 677 एमएम, बैजूपाडा में 689 एमएम, मंडावर में 708 एमएम, बसवा में 762 एमएम, बांदीकुई में 763 एमएम बारिश हुई है। इनके अलावा जिले के अन्य सभी तहसील क्षेत्रों में 800 एमएम से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
पिछले यूं रहा था बारिश का आंकडा जबकि साल 2024 में 971.38 मिमी (150.14 %) बारिश होने के बावजूद मात्र चार बांधों पर ही चादर चली थी। पिछले साल भी अच्छी बारिश होने से 39 में से 31 बांधों पर पानी की आवक हुई थी, लेकिन मोरेल बांध, झिलमिली बांध, नामोलाव व हुड़ला बांध पर ही चादर चली थी। जबकि वर्ष 2023 में 461.19 मिमी (71.28%) बारिश हुई थी।

दौसा के ही गेटोलाव बांंध अब तक 80 प्रतिशत भर गया है और बारिश का फ्लो बना रहा तो बांध के जल्द ही छलकने की उम्मीद है।

जिलेभर में हो रही अच्छी बारिश से सूरी नदी में पानी की आवक हुई, इससे किसानों के चेहरे खिल गए।

बारिश से जिले के नीचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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