जवाहर कला केंद्र और अंजना वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सुर-ताल फेस्टिवल’ में विविध विधाओं की कार्यशालाएं जारी हैं।
जवाहर कला केंद्र, जयपुर एवं अंजना वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सुर-ताल फेस्टिवल’ में विविध विधाओं की कार्यशालाएं जारी हैं। फेस्टिवल का समापन समारोह बुधवार, 24 सितम्बर को शाम 4 बजे से रंगायन सभागार में होगा। इस अवसर पर विभिन्न कार्
यह समारोह प्रतिभागियों की रचनात्मकता और अभ्यास का सजीव उदाहरण होगा, जहां शास्त्रीय नृत्य, चित्रकला, थिएटर और अन्य कलाओं की झलक दर्शकों को देखने को मिलेगी।

प्रतिभागियों की रचनात्मकता और अभ्यास का सजीव उदाहरण होगा, जहां शास्त्रीय नृत्य, चित्रकला, थिएटर और अन्य कलाओं की झलक दर्शकों को देखने को मिलेगी।
फेस्टिवल के अंतर्गत माया कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में चल रही कथक कार्यशाला में प्रतिभागी ‘स्त्रीत्व का उत्सव’ थीम पर नृत्य सीख रहे हैं। इसमें नवरस, नायिका भेद और नाट्यशास्त्र का अद्भुत संगम है, साथ ही तराना व तीन-ताल पर नृत्याभ्यास कराया जा रहा है।
वहीं अभिनेता एवं निर्देशक ओम कटारे द्वारा संचालित थिएटर वर्कशॉप में रंगकर्मी अभिनय कला, भाव-भंगिमाओं पर पकड़ और नाट्यशास्त्र के गुर सीख रहे हैं।

अभिनेता एवं निर्देशक ओम कटारे द्वारा संचालित थिएटर वर्कशॉप में रंगकर्मी अभिनय कला, भाव-भंगिमाओं पर पकड़ और नाट्यशास्त्र के गुर सीख रहे हैं।
इसके अतिरिक्त प्रेरणा भूयान की सत्रिया नृत्य कार्यशाला में प्रतिभागी कृष्ण वंदना और कृष्ण लीला पर आधारित एकल नृत्य-नाटक की प्रस्तुति की तैयारी कर रहे हैं। पूर्व में पद्मश्री तिलक गीताई (प्रख्यात चित्रकार एवं शिल्पकार) के निर्देशन में प्रतिभागियों ने पेंटिंग एवं स्कल्पचर निर्माण की बारीकियां सीखी। इसमें प्रतिभागियों को विभिन्न माध्यमों के प्रयोग, रंग संयोजन और शिल्प कला की बारीकियों से परिचित कराया गया। प्रकाश भट्ट, मंजू देवी एवं लकी पपेट मेकिंग सिखाई गई।
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