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सहकारी विभाग में अब सहकारी समितियों, अपैक्स बैंक, जिला सहकारी बैंक सहित अन्य संस्थाओं के भ्रष्ट व जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाएगा। सहकारी समितियों में अनियमितताओं के प्रकरणों में कोताही नहीं बरती जाएगी। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों व कर्मचारि
अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन की शक्तियों पर रोक लगाई जा रही है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज करवाने और आरोप पत्र जारी करने जैसी कार्यवाही भी की जाएगी। गबन के प्रकरणों में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करवाने व सम्पत्ति अटैच करने की कार्यवाही होगी। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने अपेक्स बैंक के सभागार जनसुनवाई में आई शिकायतों के निस्तारण का रिव्यू करने के दौरान यह बात कही।
मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसाइटियों को लेकर केंद्र को लिखेंगे पत्र
सहकारिता मंत्री ने कहा कि अनियमितताओं के प्रकरण में संबंधित कार्मिक को निलम्बित करने पर तत्काल माननीय न्यायालय में कैवियट दायर की जाए, जिससे एकतरफा कार्यवाही नहीं हो। इसको विभागीय स्तर पर परिपत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि बीमा कम्पनियों के क्लेम से संबंधित प्रकरणों का अविलम्ब निस्तारण किया जाए।
मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के प्रकरणों में कार्यवाही के लिए केन्द्रीय रजिस्ट्रार को लिखा जाए। राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 55 के अंतर्गत की जाने वाली जांचों की समीक्षा की जाए। जनप्रतिनिधियों के स्तर से प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता से साथ निस्तारण किया जाए। जो अधिकारी समय पर जवाब नहीं भिजवाते हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।
जांच के लिए बनेगी सेल
सहकारिता विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल ने कहा कि विभाग द्वारा प्रकरणों के समयबद्ध रूप से निस्तारण के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे चुनिंदा प्रकरण लम्बित हैं, जिनमें जांच की कार्यवाही की जानी है। विभागीय स्तर पर जांच हेतु सेल का गठन किये जाने से प्रकरणों की समय पर जांच हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी प्रकरणों के संबंध में समय पर जवाब भिजवाया जाना सुनिश्चित करें। प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में प्रगति एक सप्ताह के भीतर अपडेट की जाए। लम्बित पुराने प्रकरणों में एक माह के अन्दर स्थिति अपडेट की जाए।
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