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पारिवारिक विवाद में कोर्ट के आदेश के बाद भी पत्नी को भरण पोषण की राशि अदा नहीं करने पर फैमली कोर्ट ने सख्ती दिखाई हैं। जयपुर महानगर प्रथम की फैमली कोर्ट-4 ने पति की कंपनी को आदेश दिया है कि वह पति की दो तिहाई सेलेरी पत्नी के अकाउंट में हर माह की 10 त
इसे लेकर कोर्ट ने जियो स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की मेल आईडी और सीईओ की मेल आईडी पर आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि आदेश की पालना नहीं करने पर कंपनी के खिलाफ भी विधवत कार्रवाई की जाएगी।
पचास हजार रुपए हर महीने देना था भरण पोषण दरअसल, फैमली कोर्ट ने 11 जून 2024 को अंतरिम आदेश देते हुए पति को हर माह 50 हजार रुपए पत्नी को भरण पोषण के रुप में अदा करने के निर्देश दिए थे। पति को 23 सितंबर 2023 से यह राशि अदा करनी थी।
लेकिन पति ने एक माह भी भरण पोषण की राशि अदा नहीं की। पत्नी के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने पति को कई वारंट जारी किए। लेकिन पति कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने पति की कंपनी को निर्देशित किया है कि वह पत्नी के अकाउंट में सेलेरी की दो तिहाई राशि जमा करवाए।
आगामी लोन स्वीकृत करने पर रोक कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया कि आगे से अप्रार्थी का किसी भी तरह का लोन स्वीकृत नही किया जाए। वहीं अब से लिए गए किसी भी लोन की किस्त सेलेरी से नहीं काटी जाए। कोर्ट ने कंपनी को मेल करने के साथ ही उसके रजिस्टर्ड पते पर भी आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश दिए।
वहीं अगर पत्नी कंपनी के एमडी, डायरेक्टर और जनरल मैनेजर की मेल आईडी प्रोवाइड कराती है तो उन्हें भी आदेश की कॉपी मेल करने के लिए कहा।
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