पिंकी को उसके पति और ससुर ने लाठी डंडों से पीटा दोनों पैरों में फ्रेक्चर।
भरतपुर में बहू से ससुरालवालों ने डेढ़ साल का बेटा छीना और लाठी-फावड़े से पीट-पीटकर घर से निकाल दिया। महिला किसी से लिफ्ट लेकर थाने पहुंची। उसकी हालत देख पुलिस ने हॉस्पिटल पहुंचाया।
इसके बाद पुलिस 2 घंटे में महिला के बेटे को उसके पास ले आई। आरोपी पति और ससुर को भी गिरफ्तार कर लिया। मामला भरतपुर के गहनौली थाना इलाके के नगला पूठ गांव का है। घटना गुरुवार को हुई थी।
गहनौली थाना अधिकारी विजय सिंह छौंकर ने बताया- पीड़ित महिला का नाम पिंकी (35) है। कल वह दोपहर 1 बजे थाने पहुंची थी। घबराई हुई थी। उसने बताया कि पति और ससुराल वालों ने पीटा। बच्चा उन्हीं के पास है। मैं लिफ्ट लेकर थाने पहुंची हूं।
महिला की रिपोर्ट लिखी। ड्यूटी ऑफिसर महिला के ससुराल नगला पूठ गए। वहां महिला का पति मोनू (36) नहीं मिला। पुलिस बच्चे को गांव से ले आई और महिला के हवाले कर दिया। महिला का आरबीएम हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल में महिला का इलाज चल रहा है।
9 साल पहले हुई थी शादी, बच्चा नहीं हुआ तो ताना मारते थे
RBM हॉस्पिटल में भर्ती पिंकी ने बताया- मेरे पीहर खंभेरी के पास थरावली गांव में है। पिता नहीं हैं। मां बेबस है। भैया-भाभी मुझे सपोर्ट नहीं करते। छह महीने से भरतपुर के सारस चौराहे के पास किराए का कमरा लेकर डेढ़ साल के बेटे के साथ रहती हूं। छोटी-मोटी नौकरी कर गुजारा करती हूं।
मेरी शादी 9 साल पहले गहनौली थाना इलाके के नगला पूठ गांव निवासी मोनू से हुई थी। पति पहले मेंटेनेंस का काम करता था। तीन महीने से वह कुछ नहीं करता। शादी के कई साल बाद तक मुझे बच्चा नहीं हुआ। ऐसे में ससुराल वाले ताना मारते थे।
मैं उन्हें पसंद नहीं थी। आए दिन मारपीट करते थे। पति शराब पीकर आता और गाली-गलौच करता था। पति सट्टा-जुआ खेलता था।
बच्चा होने के बाद भी नहीं बदला व्यवहार
पिंकी ने बताया- डेढ़ साल पहले मुझे बच्चा हुआ। इसके बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। वे टॉर्चर करते रहे। छह महीने पहले जेठ-जेठानी ने मुझे पति से पिटवाया और घर से निकाल दिया। तब से किराए का कमरा लेकर रह रही हूं।
कल (गुरुवार) ससुराल वालों ने धोखे से मुझे नगला पूठ बुलाया। सास प्रकाशी देवी गेट पर खड़ी हो गई और ससुर लक्ष्मण, पति मोनू ने मुझे पीटा। ससुर के हाथ में फावड़ा था और पति के हाथ में लाठी। पूरे गांव के सामने मुझे पीटा। जान से मारने की कोशिश की। मेरा बच्चा छीनकर भगा दिया। मैं सभी के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई चाहती हूं।
गहनौली थाना अधिकारी विजय सिंह छौंकर ने बताया- कल महिला को थाने से सरकारी वाहन से पहले खानवा पीएचसी लेकर गए। वहां से 108 एंबुलेंस से आरबीएम हॉस्पिटल भेजा। मामले में कार्रवाई जारी है।
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