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आरोप है कि सातवीं क्लास के छात्र को स्कूल के हेडमास्टर और महिला टीचर ने मिलकर जमकर पीटा।

सवाई माधोपुर के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा के बच्चे को जमकर पीटा गया। आरोप है कि स्कूल के हेड मास्टर और महिला टीचर बच्चे को क्लास से ऑफिस में ले गई और लात-घूंसे बरसाए।

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मामला 12 सितंबर का है। जिले के खंडार थाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल में हुई घटना में दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दी है। इधर, जिस महिला टीचर को इस स्कूल से हटाकर दूसरे स्कूल में लगाया गया है, उन पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को इसके लिए भड़काया था।

मामले में टीचर का कहना है- मैंने न तो किसी तरह का जातीय भेदभाव किया और न ही किसी को भड़काया है।

परिजनों का आरोप है कि पिटाई से बच्चे की पीठ पर निशान हो गए।

परिजनों का आरोप है कि पिटाई से बच्चे की पीठ पर निशान हो गए।

पिटाई से गर्दन पर सूजन आई छात्र के परिजन छाण पुलिस चौकी पहुंचे। शिकायत में बच्चे के पिता ने बताया कि उनका बेटा सातवीं क्लास में पढ़ता है। 12 सितंबर को जब वह क्लास में पढ़ रहा था तो महिला टीचर उसे ऑफिस में ले गई।

यहां उसे थप्पड़ और लात-घूंसे बरसाए। पिटाई से बच्चे की पीठ पर निशान हो गए और गर्दन पर सूजन आ गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला टीचर ने पहले भी आंख पर डंडा मार दिया था। इसके बाद टीचर ने घर आकर माफी मांगी थी। आरोप है कि बच्चे की पिटाई के बाद उसे धमकाया कि घर जाकर बताया तो टीसी काट दूंगी।

बहरावंडा खुर्द सीएचसी के डॉक्टर नवीन गुप्ता ने बताया- 12 सितंबर को बच्चे के परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर आए थे। शरीर पर बाहरी चोट के निशान तो नहीं थे, लेकिन सूजन जरूर थी। बच्चे को दर्द भी महसूस हो रहा था। इसके लिए उसे दवा दे दी गई थी।

हेड मास्टर बोले- टीचर को जाति सूचक शब्द बोले थे इस घटना के बाद टीचर भी मामला दर्ज करवाने खंडार थाने पहुंची। हेड मास्टर का कहना है कि इस विवाद की शुरुआत टीचर डे (5 सितंबर) से हुई थी। कुछ बच्चों ने एक दूसरी महिला टीचर को पेन दिए थे।

इसका महिला टीचर (जिसे डेपुटेशन पर भेजा) की ओर से विरोध किया गया था। महिला टीचर ने दूसरी महिला टीचर के लिए जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसकी शिकायत मेरे पास भी आई थी, लेकिन मैंने नजरअंदाज कर दिया।

शुक्रवार को एक बच्चे ने महिला टीचर को जातिसूचक शब्द बोले। उसने जब मुझे बताया तो बच्चे को ऑफिस में बुलाकर डांटा और समझाकर भेज दिया था। बच्चे से किसी तरह की मारपीट नहीं की गई थी।

महिला हेड मास्टर का आरोप है कि- जिस बच्चे की पिटाई की गई उनका एक रिश्तेदार पूर्व में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष रह चुका है, जिसे हटा दिया गया था। इससे वह पहले से नाराज चल रहा था। जब शुक्रवार को ये घटना हुई तो उसने सारा षड्यंत्र रचा।

13 सितंबर को शिक्षा विभाग की जांच के दौरान बच्चे का पिता और भाई स्कूल में आए थे। जांच में बच्चों की ओर से मारपीट की गवाही नहीं देने से वे नाराज हो गए और एक-दो बच्चों को पीट दिया। संस्था प्रधान होने के नाते इसकी शिकायत खंडार थाने में दी है। जांच छाण चौकी प्रभारी दौलत सिंह को सौंपी गई है।

शिक्षा विभाग ने जांच की शुरू खंडार सीबीईओ रामनाथी मीणा ने बताया कि इस मामले की उन्हें पीईईओ (पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) और परिजनों के माध्यम से शिकायत मिली। विभाग ने कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। एक टीचर को डेपुटेशन पर दूसरी जगह लगा दिया है।

जिस महिला टीचर को डेपुटेशन पर भेजा गया है उनका कहना है- मैंने किसी को नहीं भड़काया था। मैं आठ साल से इस स्कूल में पढ़ा रही थी। मैंने कभी किसी तरह का जातीय भेदभाव नहीं किया। मुझे डेपुटेशन पर दूसरी स्कूल में लगाया गया है। मेरे लिए अच्छा है। नाैकरी करनी है, वहां भी कर लूंगी।



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