अजमेर में गणपति विसर्जन की तैयारी कर रहे स्वास्तिक नगर के लोगों के लिए बोराज तालाब का पानी तबाही बनकर आया। गुरुवार रात 11:30 बजे तालाब का पानी 25 फीट ऊंची दीवार को तोड़कर गांव के बाद स्वास्तिक नगर और रावत नगर में भर गया।
5 मकान टूट गए। 300 घरों में पानी भर गया। एक झटके में 1300 लोग बेघर हो गए। सारा राशन पानी में भीग कर बर्बाद हो गया। किचन में मछलियां और सांप मंडरा रहे हैं। तालाब और कॉलोनी के बीच 1 किलाेमीटर खुले मैदान के कारण पानी की रफ्तार कमजोर हो गई, वरना तबाही का मंजर और डरावना हो सकता था। भास्कर ने ग्राउंड पर पहुंचकर बोराज तालाब और स्वास्तिक कॉलोनी में तबाही का मंजर देखा।
पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

स्वास्तिक नगर की कॉलोनी के ये वो घर हैं, जो पानी के तेज बहाव में टूट गए। मकान के बाहर पड़ा मलबा।
भास्कर टीम तालाब के बिल्कुल पास बने नरसी सिंह शेखावत के घर पहुंची। नरसी सिंह ने बताया- लगातार बारिश और पहाड़ी के दो तरफ से आ रहे पानी ने तालाब को लबालब भर दिया। तालाब करीब 30 साल पुराना है। कच्ची मिट्टी और दीवार से पानी को रोका हुआ है। गुरुवार को मिट्टी का कटाव होता देख ग्रामीणों और कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन को चेता दिया था। शाम चार बजे प्रशासन ने तालाब के पास के 40-50 घरों को खाली करवाया, लेकिन पानी रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए।
रात 11:30 बजे अचानक पाल टूट गई। आवाज सुनकर बाहर आकर देखा तो हमारे घर के सामने 6 फीट से ज्यादा पानी चल रहा था। कार, गाय, पेड़-पौधे सब बह रहे थे। तालाब का पानी महज दो मिनट के अंदर दीवार तोड़कर काॅलोनी में घुस गया। लोग रात भर इसी इंतजार में रहे कि प्रशासन और एसडीआरएफ मदद करेगी। लेकिन वो रातभर कॉलोनी वालों को मुसीबत में छोड़कर सुबह 6 बजे चाय लेकर आए। तब तक हमारा सबकुछ लुट गया था।
जहां पाल टूटी, वहीं सटकर गोपाल सिंह का 6 बीघा का खेत है। खेत में खड़ी बाजरे की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। गोपाल सिंह बताते हैं कि बचपन से बुढ़ापा आ गया। इतनी बरसातें देखीं, लेकिन ऐसा नजारा नहीं देखा। उन्होंने बताया- आसपास के नालों और पहाड़ी का पानी भी इसी तालाब में छोड़ा जा रहा है। यही वजह है कि तालाब की कच्ची मिट्टी की दीवार पानी के बहाव को रोक नहीं सकी।

लोकेश जासु ने बताया कि उनके घर के पास नाले की दीवार टूटकर बह गई। उसके गेट के नीचे एक बकरी रातभर से फंसी हुई है। मिट्टी और कीचड़ के नीचे तीन-चार स्कूटी और बाइक दबी हुई हैं।
दिसंबर में 18 लाख का लोन लेकर घर बनाने वाले धर्मवीर ने बताया- रात को तालाब के पानी से पीछे का पूरा मकान ढह गया है। पड़ोस के ऐसे चार मकान और हैं, जिनमें पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है। अभी घर में रहना सेफ फील नहीं हो रहा। रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट हो रहे हैं।
कमोबेश यही हाल भीष्म मंगानी का भी है। पूरा घर पीछे से गिर गया है। कुछ महीने पहले लाए नए टीवी-फ्रिज पानी में तैर रहे हैं। खाने-पीने को कुछ नहीं बचा। घर का कोना-कोना तबाही की जीती-जागती तस्वीर बन गया है।

आलमारी में बैठा था सांप, रिपोर्टर ने पकड़कर रेस्क्यू टीम को सौंपा स्वास्तिक नगर कॉलोनी में शंकर नानकानी के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पूरा घर तहस-नहस हो गया है। राशन, कपड़े, फर्नीचर, कपड़े सब बह गए। रातभर से भूखे हैं। तभी आलमारी में एक सांप बैठा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि बारिश में मछलियां, केकड़े, मेंढक और जहरीले सांप भी घर में आ गए हैं। सुबह से कई बार निगम और प्रशासन को बता चुके हैं। कोई नहीं आया। भास्कर रिपोर्टर ने सांप को चिमटे की मदद से डस्टबिन में डाला और ढक्कन लगाकर परिवार को सुरक्षित किया। इसे बाद रेस्क्यू टीम को बुलाकर उसके हवाले किया।

यह डेढ़ फीट का इंडियन कोबरा तालाब के पानी के साथ बहकर आ गया था। रिपोर्टर ने चिमटे से डस्टबिन में डालकर रेस्क्यू टीम को सौंप दिया।
कारखाना मालिकों को लाखों का नुकसान, बोले- संभलने में 3-4 महीने जाएंगे
स्वास्तिक नगर में पत्तल-दोने का कारखाना चलाने वाले मुकेश सामरिया ने भास्कर को अपने कारखाने के हालात दिखाए। कारखाने में रखी मशीनें, तैयार माल और दूसरा सामान पानी से खराब हो चुके थे। मुकेश ने बताया कि करीब 12 लाख का नुकसान हुआ है। तीन से चार महीने नुकसान के कारण काम शुरू नहीं कर सकूंगा।
इन्हीं के पास गद्दे-सोफे का काम करने वाले राजकुमार बंसल के कारखाने में भी पानी भर गया। कारीगरों की मदद से वो पानी निकाल रहे थे। बोले- पूरा कारखाना तबाह हो गया है। तैयार माल भी खराब हो गया। नया माल तैयार करने में भी नए सिरे से पूंजी लगानी पड़ेगी।
थोड़ा आगे चलने पर अजीत जैन का धागा बनाने का कारखाना है। कारखाने में रात को तीन फीट तक पानी भर गया था। सारा तैयार माल पानी में खराब हो गया। अजीत बोले- अब सब कुछ नए सिरे से शुरू करने में चार महीने लग जाएंगे।

एक किलोमीटर खुले मैदान से बचे कई घर
तालाब की दीवार के करीब एक किलोमीटर बाद स्वास्तिक नगर कॉलोनी है। इससे पहले करीब एक किलोमीटर ही चौड़ा खाली मैदान है। लोगों ने बताया कि खुले मैदान के कारण पानी की रफ्तार कम हो गई और सिर्फ शुरुआत में आने वाले मकान ही ध्वस्त हुए। मैदान न होता तो तबाही और ज्यादा होती।
इसके बावजूद पानी इतनी तेजी से आया कि नौ इंच मोटी दीवारें, लोहे के मजबूत गेट, ग्रिल सब उखड़ गए। तालाब का कचरा घरों में घुसा तो तीन फीट तक मिट्टी जमा हो गई।
रात से लोग भूखे-प्यासे घर वापस आने का इंतजार कर रहे थे। घर पहुंचे तो मंजर देख किसी के मुंह से आवाज ही नहीं निकली। सब कुछ बर्बाद हो गया था।

इसी एक किलोमीटर में फैले मैदान से पानी का वेग कुछ कम हुआ।
राहत शिविर बनाए, लोगों के खाने-पीने की कर रहे व्यवस्था
एडीएम गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कल तीन बजे सूचना मिली थी। मैं खुद मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लिया। खतरे को देखते हुए तुरंत कॉलोनी के 40-50 मकान खाली करवाए।
पानी की वजह से कुल 240 मकान प्रभावित हुए हैं। 50 मकानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। 168 ऐसे मकान हैं जिसमें घर का सामान तबाह हो गया है।
करीब 1300 लोगों को राहत राहत पहुंचा रहे हैं। इसके लिए स्कूल, गुरुद्वारों को भी तैयार कराया है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।
256 मकान प्रभावित, 66 भवनों में नुकसान
जिला कलेक्टर लोकबंधु ने बताया कि प्रशासन ने सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया है। कॉलोनी में कुल 256 मकान इस आपदा में प्रभावित हुए। 66 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 176 मकान में सामान और अन्य सामग्री का नुकसान हुआ है। इसके लिए नियम अनुसार मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा।
चावंडा तालाब को भी खतरा, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
बोराज गांव में तबाही लाने वाले तालाब में अब महज 10% पानी ही बचा है। लोगों ने बताया कि 15 से 20 फीट ऊंचे इस तालाब का पूरा पानी आधे घंटे में ही खाली हो गया। बांध की दीवार को कई दिनों से मरम्मत की जरूरत थी। इलाके के लोगों का कहना है कि कमोबेश ऐसा ही हाल चावंडा की ओर बने तालाब का भी हो सकता है। इन तालाबों को मिट्टी की दीवारों से रोका हुआ है। लगातार इनके आस-पास अतिक्रमण होता जा रहा है। पेड़ कटने से जमीन खोखली हो गई है। जड़ों की पकड़ कमजोर हो चुकी है।

कॉलोनी के कई घरों में ताले लगे हैं। लोग सुरक्षा के लिहाज से रिश्तेदारों के पास चले गए हैं।
500 करोड़ का नुकसान का अंदाजा
कांग्रेस के विधायक महेंद्र सिंह रलावता ने कहा- मैं अपील करता हूं कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने कोष से कम से कम तीन करोड़ की मदद मुहैया कराएं। इधर, शुक्रवार शाम चार बजे विधानसभा अध्यक्ष देवनानी भी लवाजमे के साथ कॉलोनी की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।

तबाही की ये तस्वीरें भी देखिए…

अजमेर के स्वास्तिक नगर में घर में भरे पानी के बाद हालात बिगड़ गए।

बोराज तालाब की दीवार जो गुरुवार रात टूटी थी।

बीमार बुजुर्गों को पैदल ही कॉलोनी से दूसरी जगह ले जाना पड़ा। गाड़ियां और एम्बुलेंस गड्ढे व संकरी गलियों के कारण आ नहीं पा रही थीं।

बोराज तालाब का यह पत्थर करीब 10 फीट पानी के अंदर था। तालाब में अब 10% ही पानी बचा है, जिससे यह साफ दिखाई देने लगा है।

तालाब के पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियां कॉलोनी में आ गई हैं।
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अजमेर के बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर में आए पानी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। कई मकान गिर गए। 100 मकानों में दरारें आ गई। घर का सामान खराब हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
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