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जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी कैंपस में दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2025 प्रीलिम्स का शानदार समापन हुआ।

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी कैंपस में दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2025 प्रीलिम्स का शानदार समापन हुआ। 36 घंटे तक लगातार चली इस कोडिंग मैराथन में युवा इंजीनियरों ने अपने जोश, जुनून और प्रतिभा के साथ देश की अहम समस्याओं के समाधान पेश किए।

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हैकथॉन में देशभर से 515 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से 100 श्रेष्ठ टीमों ने फाइनल राउंड में जगह बनाई। छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी की मदद से हेल्थकेयर, करियर काउंसलिंग, रेलवे सेफ्टी, वेस्ट सेग्रीगेशन, डिजास्टर रिलीफ और मेंटल हेल्थकेयर जैसे गंभीर मुद्दों पर समाधान प्रस्तुत किए।

हैकथॉन में देशभर से 515 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से 100 श्रेष्ठ टीमों ने फाइनल राउंड में जगह बनाई।

हैकथॉन में देशभर से 515 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से 100 श्रेष्ठ टीमों ने फाइनल राउंड में जगह बनाई।

विशेष बात यह रही कि जजिंग पैनल में केवल अकादमिक विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि उबर, डॉटस्क्वेयर, एनटीटी डेटा सर्विसेज, एएमएल राइटसोर्स, इन्फिनियॉन, सीमेंस और एक्सेंचर जैसी अग्रणी कंपनियों के 16 वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल रहे। उन्होंने न सिर्फ प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया बल्कि उन्हें आगे की दिशा भी दिखाई।

अर्पित अग्रवाल ने कहा कि इस हैकथॉन ने साबित किया है कि जेईसीआरसी के छात्र वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

अर्पित अग्रवाल ने कहा कि इस हैकथॉन ने साबित किया है कि जेईसीआरसी के छात्र वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

एचएसबीसी के सीनियर एडवोकेट स्टीफन जॉर्ज ने कहा कि यहां किसी एक टीम को विजेता चुनना पहाड़ में सुई खोजने जैसा कठिन था। इन प्रोजेक्ट्स में भारत के भविष्य की मजबूत नींव छिपी है।

यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा कि इस हैकथॉन ने साबित किया है कि जेईसीआरसी के छात्र वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

कार्यक्रम की कन्वीनर डॉ. मंजू व्यास और को-कन्वीनर डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि छात्रों ने कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर बेहद प्रैक्टिकल समाधान प्रस्तुत किए। देर रात तक कैंपस में कोडिंग का माहौल किसी त्यौहार जैसा था।

36 घंटे तक लगातार चली इस कोडिंग मैराथन में युवा इंजीनियरों ने अपने जोश, जुनून और प्रतिभा के साथ देश की अहम समस्याओं के समाधान पेश किए।

36 घंटे तक लगातार चली इस कोडिंग मैराथन में युवा इंजीनियरों ने अपने जोश, जुनून और प्रतिभा के साथ देश की अहम समस्याओं के समाधान पेश किए।

कुछ उल्लेखनीय प्रोजेक्ट्स

  • टीम मकसद-ए-सिंटैक्स: रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को साइबर हमलों से बचाने वाला वेब पोर्टल, जो रियल-टाइम अलर्ट और सुरक्षा प्रदान करता है।
  • टीम डायमंड ऑर्ट्रीट्स: यूएसबी माइक्रोस्कोप और एआई की मदद से पानी में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक को पहचानने वाला प्रोटोटाइप, जो जल प्रदूषण से लड़ने में मदद करेगा।
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की टीम सोशल पिक्सलेटर्स ने एक और उपलब्धि हासिल की।

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की टीम सोशल पिक्सलेटर्स ने एक और उपलब्धि हासिल की।

इसी दौरान, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की टीम सोशल पिक्सलेटर्स ने एक और उपलब्धि हासिल की। इस टीम ने सर्विसनाउ यूनिवर्सिटी हैकनाउ इंडिया 2025 में पहला स्थान प्राप्त किया। टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के डेटा को एक जगह लाकर रियल-टाइम सेंटिमेंट एनालिसिस और एंगेजमेंट इनसाइट्स देने वाला डैशबोर्ड तैयार किया।



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