गोल्ड मेडलिस्ट सीए आनंद राठी (फाइल फोटो)
जोधपुर के रहने वाले आनंद राठी की कंपनी IPO लेकर आई है। इससे करीब 745 करोड़ जुटाने की योजना है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए आनंद राठी का सफर बचपन से ही शुरू हो गया था।
उन्होंने सबसे पहले पिता की स्टेशनरी की दुकान पर काम में हाथ बंटाया। बिजनेस की बारीकियां सीखीं। फिर आदित्य बिरला ग्रुप में बड़े पद पर काम किया। नौकरी छोड़कर 1990 में ब्रोकरेज बिजनेस शुरू किया था। बहुत कम लोग जानते हैं कि आनंद राठी एक गोल्ड मेडलिस्ट चार्टर्ड एकाउंटेंट हैंं। उन्होंने 1966 में CA किया था।
पहले जानिए आनंद राठी की कंपनी चर्चा में क्यों है? आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड (ARSSBL) का इश्यू 23 सितंबर 2025 को खुल चुका है। 25 सितंबर 2025 को बंद होगा। कंपनी प्रति शेयर रुपए 393-414 का प्राइस बैंड लेकर आ रही है।
पूरा इश्यू फ्रेश इक्विटी का होगा, यानी प्रमोटर्स अपने शेयर बिक्री (OFS) से पैसा नहीं निकाल रहे हैं। इस IPO से मिलने वाली रकम में से 550 करोड़ कंपनी के लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए इस्तेमाल होंगे। बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट के लिए खर्च होगी।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ आनंद राठी। (फाइल फोटो)
पिता स्टेशनरी की दुकान चलाते थे आनंद राठी जोधपुर के सिवांची गेट स्थित महेश स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल से आने के बाद वे छोटे भाई सुरेश राठी के साथ पिता नंदकिशोर राठी की भीतरी शहर में स्थित स्टेशनरी दुकान पहुंच जाते थे। यहां बचपन से ही उन्हें बिजनेस की ट्रेनिंग मिली। इसमें ग्राहकों से मिलना, बिल बनाना, हिसाब-किताब रखना सीखा। होली के सीजन में रंग-गुलाल से लेकर दीपावली के पटाखे और सजावट के सामान तक संभाल लेते थे। यह केवल दुकानदारी नहीं थी, बल्कि भावी उद्यमी की प्रारंभिक ट्रेनिंग थी।
मां गोदावरी देवी बनी पहली बिजनेस गुरु दोनों भाइयों को घर में मां गोदावरी देवी खुद हिसाब-किताब और व्यापार की बारीकियां समझाती थीं। उन्होंने दोनों बेटों को एक-एक पाई का हिसाब रखना सिखाया।
जोधपुर विश्वविद्यालय (वर्तमान जेएनवीयू) से स्नातक करने के बाद आनंद राठी ने सेल्फ स्टडी से CA की परीक्षा की तैयारी की। उस दौर में जोधपुर में कोचिंग उपलब्ध ही नहीं थी। न ही कोई अन्य मदद। इसके बिना CA बनना बेहद चुनौतीपूर्ण था। आनंद राठी ने न केवल यह परीक्षा पास की बल्कि 1966 में गोल्ड मेडल भी हासिल किया। उन्हीं की तरह छोटे भाई सुरेश राठी भी सीए बने।
आनंद राठी की दो बेटियां (बड़ी प्रीति गुप्ता और छोटी पूजा मारू) और एक बेटा (अमित राठी) है। आज के संदर्भ में देखें तो प्रीति गुप्ता, आनंद राठी ग्रुप में बोर्ड मेंबर हैं और अपनी कंपनी इश्क फिल्म्स भी चलाती हैं।
जोधपुर से जुड़ाव बरकरार आज जब आनंद राठी का बिजनेस देश-विदेश तक फैला है, तब भी जोधपुर से नाता बना हुआ है। साइबर पार्क में स्थित विशाल ऑफिस में तकरीबन 600 कर्मचारी काम करते हैं। यह दिखाता है कि वे अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जोधपुर के बिजनेसमैन आनंद राठी व अन्य। (फाइल फोटो)
आगे पढ़िए, कंपनी के स्थापना से लेकर IPO तक के सफर के बारे में आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड की नींव 22 नवंबर 1991 में नवरतन कैपिटल एंड सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के रूप में रखी गई थी। इसे आनंद राठी ने लगभग 47 साल की उम्र में एक सीनियर प्रेसिडेंट की नौकरी छोड़कर शुरू किया था।
शुरुआती दिनों में कंपनी ने निवेश सेवाओं और ब्रोकरेज पर फोकस किया। कंपनी का पहला ऑफिस मुंबई में खुला और कुछ ही सालों में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। 1995 में कंपनी ने एक रिसर्च डेस्क स्थापित की, ताकि ग्राहकों को इन्वेस्टमेंट के लिए गाइड किया जा सके। धीरे-धीरे आनंद राठी की टीम ने इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा कमोडिटी और मुद्रा बाजार में भी सेवाएं देनी शुरू कर दी।
साल 2007 में यह पब्लिक लिमिटेड बनी और साल 2008 में इसका नाम बदलकर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर लिमिटेड कर दिया गया। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई (गोरगांव-ई) में है।
BSE की ट्रेडिंग को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई आनंद राठी 1999 से 2001 के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के अध्यक्ष रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने BSE की ट्रेडिंग को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में BSE की ऑनलाइन ट्रेडिंग प्रणाली BOLT (BSE On-Line Buying and selling) का विस्तार हुआ और भारत के शेयर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग को बढ़ावा मिला।
उन्होंने एक्सचेंज में ट्रेड गारंटी फंड स्थापित करने और भारत के पहले केंद्रीय डिपॉजिटरी (CDSL) के गठन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। एक तरह से, आनंद राठी उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने भारत के पूंजी बाजार को परंपरागत शैली से निकालकर नवीन तकनीक और ग्लोबल स्टैंडर्ड की ओर बढ़ाया।
कारोबार और विस्तार शुरुआती दिनों में सिर्फ इक्विटी ब्रोकिंग पर केंद्रित यह ग्रुप आज फुल-सर्विस ब्रोकरेज हाउस है। इसमें वेल्थ मैनेजमेंट, एनबीएफसी, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, इंश्योरेंस ब्रोकिंग, कॉर्पोरेट फाइनेंस & एडवाइजरी, ब्रोकरेज और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। समूह ने न सिर्फ पूरे भारत में बल्कि दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थानों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।


उपलब्धियां और पुरस्कार कंपनी अपनी रिसर्च व एडवाइजरी सेवाओं के लिए जानी जाती है। कई बार इसे ‘सर्वश्रेष्ठ इक्विटी एडवाइजर’ जैसे अवॉर्ड मिले हैं। डिजिटल इनोवेशन के लिए इसे फिनोविटी अवॉर्ड भी दिया गया। लगातार इसे Nice Place to Work सर्टिफिकेट भी मिला है।
बढ़ी इनकम व मुनाफा
RHP के अनुसार, आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स ने पिछले कुछ सालों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
- कुल आय (Income): कंपनी की आय 2022 में लगभग 423 करोड़ थी, 2023 में बढ़कर 468 करोड़ हुई और 2024 में यह और उछलकर करीब 682 करोड़ तक पहुंच गई। वर्ष 2025 में यही 846 करोड़ तक पहुंच चुका है।
- मुनाफा (Revenue): कंपनी का मुनाफा 2022 में लगभग 50 करोड़ था। 2023 में यह थोड़ा घटकर 38 करोड़ रह गया, लेकिन 2024 में तेजी से बढ़कर लगभग 77 करोड़ हो गया।
- 31 मार्च 2025: इस वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 104 करोड़ का मुनाफा कमा लिया।
इससे स्पष्ट है कि कंपनी की आमदनी और मुनाफा दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
IPO स्ट्रक्चर कंपनी का IPO बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिया लाया गया है। आसान भाषा में इसका मतलब है कि निवेशकों से बोली (बिड) लगवाई जा रही है और उसी आधार पर शेयर का अंतिम दाम तय होगा।

IPO से जुटाए गए पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा (करीब 550 करोड़) कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल, यानी रोज़मर्रा और कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगाएगी। बाकी राशि अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी। समूह सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के कार्यों में भी सक्रिय है। हाल ही में इसे सामुदायिक विकास में योगदान के लिए ग्लोबल CSR लीडरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
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