कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे।
बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना उपखंड में हरि गोपाल गोशाला संस्थान में पितृ शांति महायज्ञ और श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की शुरुआत हुई। इससे पहले कलश यात्रा निकाली गई।
इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरूष शामिल हुए। पंडित हेमंत महाराज ने कथा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में भागवत कथा के आयोजन में पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
दरअसल, धोरीमन्ना मिश्री की बेरी स्थित श्री हरि गोपाल गोशाला संस्थान में 7 दिवसीय भागवत कथा की शुरुआत गुरुवार को की गई। लूखू के आलमजी मंदिर से भव्य शोभा यात्रा और भगवा रैली प्रारंभ हुई। वहां से बालाजी मंदिर, गोगाजी मंदिर, गुरु जम्भेश्वर मंदिर होते हुए गोशाला पहुंचे।
जहां गो भक्तों ने रैली का भव्य स्वागत किया। इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र का माहौल भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया है।

कथा में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग शामिल हुए।
गणेश पूजन से की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। पंडित हेमंत महाराज ने कथा व्यास के रूप में श्रीमद्भागवत की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा- श्रीमद्भागवत साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप है।
इसका सुनने और पढ़ने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा,शांति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। महाराज ने कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं को भागवत कथा सुनने और सुनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
महाराज ने कहा- पितृ पक्ष में भागवत कथा के आयोजन से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह कथा 18 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक आयोजित होगी और कथा के उपरांत महाआरती की जाएगी।
पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पहुंचकर कथा का श्रवण किया। भक्ति भाव से कार्यक्रम में शामिल हुए। कथा प्रांगण में भजन-कीर्तन और आस्था के स्वर से गूंज उठा।
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