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पूर्व मंत्री एवं सीनियर लीडर अमीन खान की कांग्रेस में घर वापसी हो गई है। उनकी ये वापसी करीब 16 महीने बाद हुई है। लेकिन, पूर्व विधायक मेवाराम जैन को कांग्रेस में एंट्री नहीं मिली है। राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने ऑर्डर जारी किए

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मंगलवार को राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने पूर्व मंत्री अमीन खान को निष्कासन खत्म कर दिया है। इसमें बताया कि सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की शिकायत पर पार्टी खिलाफ एक्टिविटी को लेकर निष्कासित किया था। वहीं पार्टी में वापसी पर अमीन खान ने एक्स हेंडल पर पोस्ट कर लिखा-सत्यमेव जयते..।

अमीन खान लगातार कांग्रेस पार्टी में वापसी के लिए दिल्ली तक प्रयास कर चुके हैं। बीते दिनों राजस्थान प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष, पूर्व सीएम और डिप्टी सीएम के बाड़मेर दौरे के दौरान अमीन खान के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। साथ नेताओं से मिलकर कांग्रेस में लेने की मांग की थी।

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने जारी की प्रेस रिलीज।

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने जारी की प्रेस रिलीज।

दरअसल, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल (सांसद) के साथ न देकर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी के साथ देने के आरोप पर कांग्रेस पार्टी ने अमीन खान को निष्कासित किया था। इसके बाद अमीन खान ने अपने बयानों बोले चुके है- मैं कांग्रेस के लिए पूरा जीवन खपा दिया।

26 अप्रैल 2024 को हुआ था निष्कासन

लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों सामने आईं। इसे लेकर पार्टी नेताओं ने आलाकमान को शिकायत भेजी थी। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक आदेश जारी कर लिखा है कि बाड़मेर-जैसलमेर प्रत्याशी उम्मेदाराम की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। लोकसभा चुनाव में अमीन खान अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी एक्टिविटी में शामिल रहे। इससे पहले 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल पर विवादित बयान देने पर मंत्री से इस्तीफा देना पड़ा था।

5 बार के विधायक अमीन खान को 16 माह में कांग्रेस में दुबारा एंट्री।

5 बार के विधायक अमीन खान को 16 माह में कांग्रेस में दुबारा एंट्री।

रविंद्र सिंह भाटी से हारे थे विधानसभा चुनाव

अमीन खान को शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र भाटी ने हराया था। इस हार के बाद अमीन खान सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। लोकसभा चुनाव में वे अपने क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहे। पार्टी ने उन्हें जो काम दिया उससे दूरी बनाते नजर आए। चुनाव प्रचार के दौरान वे हज पर चले गए। उन्होंने कांग्रेस पर मुसलमानों को तवज्जो न देने के आरोप लगाए थे। मंच से उन्होंने ऐसे इशारे भी किए कि वे भाटी के समर्थन में हों। इसीलिए कार्रवाई की गई।

10 बार शिव से चुनाव लड़ा

अमीन खान बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा से 10 बार कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके है। इसमें 5 बार जीतें है। साल 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमीन खान को टिकट दी थी। लेकिन कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष फतेह खान बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। फिर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी चुनाव जीत गए थे। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले फतेह खान का निष्कासन रद्द कर उन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया था।



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