नवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार शहरवासियों के लिए कुछ खास और अनोखा आयोजन देखने को मिल रहा है। पहली बार शहर में 9 चैतन्य देवियों की सजीव झांकी लगाई गई है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। यह झांकी सुभाष चौक पर तीन दिनों तक शाम 7 बजे से 10 बजे तक लग र

देवियों की कहानी को नाटकीय रूप में किया प्रस्तुत।
9 देवियों के स्वरूप को झांकियों में किया प्रस्तुत
इस भव्य आयोजन की खासियत यह रही कि इसमें पारंपरिक मूर्तियों की जगह ब्रह्मकुमारी संगठन से जुड़ी कुमारियों ने स्वयं देवी स्वरूप धारण किए। इन कुमारियों ने 9 देवियों का नाटकीय और जीवंत रूप प्रस्तुत किया। झांकी में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी के स्वरूप को दिखाया गया। इन स्वरूपों को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और बार-बार माता के जयकारे गूंजते रहे। इसमें देवियों की कहानी को नाटकीय रूप में दर्शाया गया।
आयोजकों का कहना है कि इन देवियों के माध्यम से परमपिता परमात्मा की 8 शक्तियों का संदेश दिया गया है। यह शक्तियां राजयोग के अभ्यास से जीवन में उतारी जा सकती हैं। झांकी के जरिए यह बताया गया कि आध्यात्मिक साधना से व्यक्ति कैसे अपने भीतर की शक्ति को पहचानकर जीवन को सार्थक बना सकता है। यह आयोजन ब्रह्मकुमारीज रावतभाटा केंद्र प्रभारी बी. के. अंकिता दीदी के मार्गदर्शन में किया गया है।

पूर्व सभापति सुशील कुमार शर्मा और राजन माली भी रहे मौजूद।
लोगों ने भक्ति भाव से लिया आनन्द
प्रोग्राम की शुरुआत पंडित भालचंद्र वानखेड़े ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर किया। मौके पर पूर्व सभापति सुशील कुमार शर्मा और राजन माली भी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति भाव से झांकी का आनंद लिया। आयोजन में आए लोगों का कहना था कि ऐसा अद्भुत नजारा उन्होंने पहली बार देखा, जहां जीवंत रूप में देवियों के दर्शन कर भावनाओं का अनुभव अलग ही रहा।
चित्तौड़गढ़ ब्रह्मकुमारीज परिवार की ओर से नगरवासियों से अपील की गई है कि वे अपने परिवार सहित इस दिव्य झांकी का लाभ उठाएं। नवरात्र जैसे शुभ अवसर पर यह आयोजन हर किसी के लिए प्रेरणा देने वाला है। ब्रह्मकुमारीज संगठन का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक जीवन और आत्मशक्ति के प्रति जागरूक करना है।

इन कुमारियों ने 9 देवियों का नाटकीय और जीवंत रूप प्रस्तुत किया। झांकी में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी के स्वरूप को दिखाया गया।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments