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भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लाखेरी और नैनवां क्षेत्र में कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
बूंदी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लाखेरी और नैनवां क्षेत्र में कई गांव जलमग्न हो गए हैं। लाखेरी का कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, टोंक और बारां जिलों से संपर्क टूट गया है।
लाखेरी के भावपुरा गांव में एक बोलेरो नाले में बह गई। ग्रामीणों और प्रशासन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लाखेरी-लबान रेलवे स्टेशन के बीच तेज बारिश से पटरी के नीचे की मिट्टी खिसक गई है। रेलवे की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं। ट्रेनों की आवाजाही धीमी कर दी गई है।
कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर मेज नदी की पुलिया डूबने से यातायात बंद है। बूंदी-लाखेरी मार्ग पर खटकड़ पुलिया भी जलमग्न हो गई है। बाबई गांव के पास चाकण नदी की पुलिया डूबने से टोंक जिले से संपर्क टूट गया है।
नैनवां में कई गांवों की स्थिति गंभीर है। जिला कलेक्टर और एसपी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। नैनवां प्रधान ने प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर से बात कर रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की है। कमलेश्वर मार्ग की पुलिया बह जाने से श्रद्धालु फंस गए हैं।
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