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अगर आप कहीं भी अंगूठे का निशान लगा रहे हैं ताे जरा संभलिए! आपके अंगूठे का क्लोन बनाया जा सकता है और इससे बहुत आसानी से आपके बैंक खाते से राशि निकाली जा सकती है। बाजार में 300 से 500 रुपए में सिलिकॉन रबर के फिंगर क्लोन आसानी से बनाए जा रहे हैं। इस क्ल

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भास्कर रिपोर्टर ने अंगूठे के 7 क्लोन प्रिंट बनवाकर अलग-अलग मशीनों पर इसका उपयोग किया। सभी जगह यह सफलतापूर्वक काम कर गया। यह इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि काेई भी ई-मित्र और बैंक बीसी सिर्फ अंगूठे के निशान और आधार नंबर के जरिए आपके खाते से 10 हजार रुपए तक निकाल सकता है। इसमें किसी भी तरह का ओटीपी का प्रावधान भी नहीं है। फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन के साथ-साथ सरकारी दस्तावेज बनवाने, राशन उठाने और जमीनों की रजिस्ट्री में गड़बड़ियां हाे रही हैं।

राजस्थान और केंद्र सरकार के स्किल सेंटर पर भी फर्जी उपस्थिति में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। भास्कर ने भीलवाड़ा, जयपुर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में इसकी पड़ताल की। सभी जगह फिंगर क्लोन बनाने के लिए तैयार हाे गए।

सीकर और जोधपुर सहित कई जगह हाे चुकी है ठगी

सीकर के लक्ष्मणगढ़ में पिछले दिनों खाते से 12 लाख निकालने के मामले में ऐसा ही गिरोह सामने आया था। वहीं जोधपुर में भी इसी तरह फिंगर प्रिंट का क्लोन बना खातों से रकम निकालने का मामला हुआ। यहां 10 ई-मित्र इसमें शामिल थे, जिनको बाद में ब्लेकलिस्ट लिया। ज्यादातर जगह आधार के माध्यम से यह फ्रॉड होते हैं। मल्टी रिचार्ज सेवा उपलब्ध करवाने वाली कंपनी के रिटेलर कंपनी के आधार इनबेल्ड पेमेंट सिस्टम से पैसा निकालने वाली सुविधा के नाम पर यह फर्जीवाड़ा करते हैं। उनको आरटीआईडी पासवर्ड उपलब्ध करवा रखे है, जिसके माध्यम से वह किसी भी व्यक्ति के आधार और फिंगर प्रिंट को तैयार कर पैसा निकाल सकता है।

1 अंगूठे के 300 रुपए लिए, 3 घंटे में बनाकर दे दिया

भीलवाड़ा नगर निगम के पास रबर की सील बनाने वाली एक दुकान पर पहुंचे ताे एक के तीन सौ रुपए मांगे। रिपोर्टर ने चार अंगूठे के प्रिंट बनवाए ताे 1050 रुपए लिए। दुकानदार ने खाली कागज पर रिपोर्टर से करीब 20 जगह अंगूठे के निशान लगवाए। रिपोर्टर ने पूछा इतने का क्या करोगे ताे बोले, अंगूठे की एक-एक लाइन क्लियर आनी चाहिए नहीं ताे मशीन पर नहीं चलेगा। उन्होंने तीन घंटे बाद अंगूठे के क्लोन बनाकर दे दिए। इसी तरह पोस्ट ऑफिस के सामने भी एक दुकान पर रिपोर्टर ने अंगूठे के दाे क्लोन बनवाए।

“फिंगर प्रिंट के क्लोन हुबहू नकली अंगूठे जैसे होते हैं। ई-मित्र व बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों पर इनसे फर्जीवाड़े की शिकायतें आई थी। कई एजेंसियां है जाे अभी आधार व अंगूठे से ट्रांजेक्शन करती है। इसमें लाेगाें काे भी जागरुक रहना पड़ेगा।” -पवन नानकानी, संयुक्त निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग

ई-मित्र, आधार केंद्र और स्किल सेंटर से सबूत जुटाए

अंगूठे का क्लोन बनवाने के बाद रिपोर्टर ई-मित्र व बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र पर गया। संचालक से कहा- आधार में करेक्शन करना है। संचालक ने कहा कि आपकी बायोमैट्रिक लगेगी। उसने एक मशीन हमारे सामने रख दी। हमने रबर स्टैंप पर बने अंगूठे के क्लोन से इम्प्रेशन लगा दिया। वह एक्सेप्ट हो गया। लिखकर आया- कैप्चर सक्सेस क्वालिटी, यानी क्लोन फिंगर का प्रिंट काम कर गया। इसी तरकह एक ई-मित्र से दाे हजार रुपए निकलवा लिए। वही केंद्र सरकार के स्किल सेंटर पर फिंगर क्लोन से बायोमैट्रिक हाजिरी लग गई।

अंगूठे का क्लोन बनवाने के बाद रिपोर्टर ई-मित्र व बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र पर गया। संचालक से कहा- आधार में करेक्शन करना है। संचालक ने कहा कि आपकी बायोमैट्रिक लगेगी। उसने एक मशीन हमारे सामने रख दी। हमने रबर स्टैंप पर बने अंगूठे के क्लोन से इम्प्रेशन लगा दिया। वह एक्सेप्ट हो गया। लिखकर आया- कैप्चर सक्सेस क्वालिटी, यानी क्लोन फिंगर का प्रिंट काम कर गया। इसी तरकह एक ई-मित्र से दाे हजार रुपए निकलवा लिए। वही केंद्र सरकार के स्किल सेंटर पर फिंगर क्लोन से बायोमैट्रिक हाजिरी लग गई।



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