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जहां लोग एक पौधा लगाने से पहले सोचते हैं, वहीं कामां ब्लॉक के नौगावां महात्मा गांधी विद्यालय की शारीरिक शिक्षिका बेबी कुमारी ने पिछले चार वर्षों में 4000 से अधिक पौधे लगाकर पूरे क्षेत्र को हरियाली की नई पहचान दी है। स्कूल परिसर से लेकर मंदिर-मस्जिद,
प्रधानाचार्य बोले – यह सेवा है, काम नहीं…
विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चंद मीणा कहते हैं – “बेबी कुमारी को दो वर्ष पहले विद्यालय की पौधारोपण प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने इस कार्य को केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प समझकर निभाया।”चार वर्षों की सतत मेहनत से आज ये पौधे पेड़ बन गए हैं, जो न केवल छाया दे रहे हैं बल्कि गांव के वातावरण को भी शुद्ध कर रहे हैं। इस पूरे अभियान ने यह साबित कर दिया है कि एक शिक्षक की सोच, बच्चों की आदत और समाज की भागीदारी मिल जाए तो बदलाव असंभव नहीं है। जब भी नौगावां जाएं, तो वहां की हरियाली में छिपी एक शिक्षिका की मेहनत को जरूर महसूस करें। उन्होंने बताया बेबी रानी की मुहिम का असर लोगों में इस कदर है कि वे खुद उनके अभियान से जुड़ रहे हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
पौधारोपण को खेल से जोड़ा
पीटीआई बेबी कुमारी ने अपने विषय खेल को हरियाली के साथ जोड़ते हुए हर टूर्नामेंट, अभ्यास या कार्यक्रम में ‘ग्रीन टास्क’ शामिल कर दिया। खिलाड़ी छात्र छात्रा पौधा लगाते, नाम की तख्ती लगाते और फोटो खिंचवाते। यह परंपरा इतनी लोकप्रिय हुई कि अब विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों का स्वागत एक पौधे के साथ किया जाता है। गांव की महिला तो अब पेड़ वाली मैडम नाम से जानती है। विद्यालय की छात्रा पूजा बताती है – “मैम कहती हैं कि पेड़ हमारे सच्चे साथी हैं जो बिना मांगे बहुत कुछ देते हैं।” यही सोच बच्चों की आदत बन गई है। गांवों के लोग स्कूल आते हैं और अपने हाथों से पौधे लगाते हैं।
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