चित्तौड़गढ़ जिले में आबकारी विभाग ने नकली शराब बनाने और बेचने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त और चित्तौड़गढ़ कलेक्टर के निर्देश पर की गई। इस ऑपरेशन का नेतृत्व जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने किया। उ
भारी मात्रा में मिली नकली शराब
छापे के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब से संबंधित सामान जब्त किया। इनमें सबसे पहले 180 एमएल की करीब 6600 खाली शराब की बोतलें मिलीं। इसके अलावा नकली ढक्कन जो ‘काउंटी क्लब’, ‘व्हाइटलेस वोदका’ और ‘राणा देसी’ ब्रांड के थे, उनकी संख्या करीब 25,750 थी। साथ ही नकली शराब के 96 पव्वे (छोटी बोतलें) जब्त की गईं जो ‘काउंटी क्लब’ ब्रांड की बताई जा रही हैं। नकली शराब की पैकिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 410 कार्टन भी बरामद हुए, जिन पर ‘काउंटी क्लब’, ‘व्हाइटलेस वोदका’ और ‘ग्लोब्स स्पिरिट लिमिटेड’ जैसे ब्रांडों के नाम थे। इन कार्टनों का उपयोग नकली शराब को असली दिखाने के लिए किया जा रहा था।

जंगलों में छिपा रखी थी शराब।
नकली शराब को असली दिखाया जाता है
इसके अलावा टीम को 8270 नकली होलोग्राम और करीब 24,988 नकली लेबल भी मिले, जो शराब की बोतलों पर लगाए जाते हैं ताकि शराब असली लगे। नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अन्य सामग्री जैसे 2 लीटर एसेंस, 200 एमएल ग्लिसरीन, 500 एमएल रंगीन तरल पदार्थ, फूड कलर, एक अल्कोहल मीटर, सील और स्टैंप पैड भी जब्त किए गए। ये सभी चीजें नकली शराब को असली जैसा दिखाने और उसका स्वाद व रंग ठीक करने के लिए उपयोग की जाती थीं।
पहले की कार्रवाई से जुदा हो सकता है यह मामला
आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पुराने एक नकली शराब के केस की जांच के सिलसिले में की गई है। इस पुराने केस में पहले भी पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार हुए लोगों में प्रहलाद जायसवाल (पावली), रविंद्रसिंह राठौड़ (बेनीपुरिया), प्रकाश जाट (मेवदा), नरेंद्र सिंह (रकमपुरा) और रमेश अहीर (मंगलवाड़) के नाम शामिल हैं। अब यह जांच की जा रही है कि क्या ये सभी लोग इस नए मामले में भी शामिल थे या नहीं। फिलहाल, नकली शराब से जुड़ा जो भी सामान मिला है, उसे सील कर दिया गया है और आगे की जांच तेज़ी से चल रही है।

कई सामान किए जब्त।
नकली शराब बनाकर भेज रहा है बाहर
इस कार्रवाई को अवैध शराब के व्यापार के खिलाफ एक सख्त कदम माना जा रहा है। अधिकारी का मानना है कि यह नकली शराब राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की जा रही थी। कई ठेकेदार जो बाजार में भारी डिस्काउंट देकर शराब बेच रहे थे, उनके बारे में भी संदेह है कि वे नकली शराब बेच रहे होंगे। विभाग को पहले से ही इस बात की जानकारी मिल रही थी कि लंबे समय से यह गिरोह नकली शराब बनाकर अलग-अलग जगहों पर भेज रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
आबकारी अधिकारी ने की अपील – बोले डिस्काउंट वाले शराब से रहे सावधान
उन्होंने बताया कि नकली शराब का कारोबार ना केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे लोगों की जान पर भी बन आती है। कई बार नकली शराब पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है या जान तक चली जाती है। ऐसे में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई बहुत जरूरी और समय पर की गई पहल है। उन्होंने कहा कि आम जनता को भी जागरूक रहना चाहिए कि वे सस्ती या भारी छूट वाली शराब से बचें, क्योंकि वह नकली हो सकती है।
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