बाड़मेर जिले के छोटे से गांव भूरटिया की सुशीला का अंडर-18 गर्ल्स रग्बी फुटबॉल इंडियन टीम में सलेक्शन हुआ है। सुशीला अब चीन में आयोजित होने वाले एशिया कप में भारत की टीम से खलेगी। चयन के बाद गांव समेत जिले भर में खुशी का माहौल है। सुशीला का कहना है कि
किसान की बेटी, खेती और पशुपालन से बेटी को दिलवाया कीट
सुशील का सफर आसान नहीं रहा। वह एक किसान परिवार से है। उसके माता- बालीदेवी और पिता गणेश कुमार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर की आय का स्त्रोत केवल खेती और पशुपालन है। कई बार तो सुशीला के परिवार ने अपनी बकरियां बेचकर उसके रग्बी फुटबॉल की कीट, ट्रेंनिग का खर्चा किया। सुशीला का कहना है कि घर में बकरी का बच्चा पैदा होता है, तो परिवार तय करता है कि उसे देखकर मेरी ट्रेनिंग या रग्बी किट का इंतजार करेंगे।

चीन में होने वाले एशिया कप में खलेगी।
5 बार नेशनल स्तर पर प्रदर्शन
प्रिसिंपल महेश कुमार ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि रग्बी फुटबॉल में 5 बार राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ। शानदार प्रदर्शन किया। साल 2023-24 और 2024-35 में एसजीएफआई नेशनल गेम्स में भाग लिया। एसजीएफआई की ओर से खेलते हुए राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। खेलो इंडिया वीमेंस टूर्नामेंट 2024 में कांस्य पदक जीतकर टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनी। राष्ट्रीय स्तर ओपन रग्बी फुटबॉल प्रतियोगिता में अंडर-15 और अंडर-17 कैटेगेरी में नेशनल स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। हाल ही में कोलकता इंडिया टीम कैंप और ट्रेनिंग में हिस्सा लिया।
9 को होगी चीन के लिए रवाना
सुशील का कहना है कि कोलकता इंडिया कैंप में ट्रेनिंग के बाद 9 सितंबर को चीन में होने वाली एशिया टूर्नामेंट के लिए रवाना होगी। ट्रेनिंग के दौरान वहां से थाईलैंड मैत्री मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर शानदार प्रदर्शन किया और एशिया कप रग्बी फुटबॉल टीम में चयन हुआ।

सुशीला का कहना है कि मेरे-माता ने मेरे पर विश्वास रखा और ग्रामीणों के ताने को नहीं माना।
सुशीला का सपना
सुशीला के सपने बड़े है वह भारत के लिए एशियाई और विश्व स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना चाहती है। पर कभी-कभी यह डर भी सताता है कि कहीं आर्थिक परिस्थितियां उसके सपनों के बीच दीवार न बन जाएं। साथ ही उनका सपना है कि यदि सरकार भुरटिया में रग्बी फुटबॉल हेतु नेशनल स्तर का स्टेडियम का निार्मण करावें तो मैं मेरे जैसे और नेशनल स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सकती हूं।
सुशीला ने कहा प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं है। अवसर और सहयोग मिलने पर गांव की बेटियां भी देश और दुनिया का नाम रोशन कर सकती है। सुशीला ने अपनी सफलता के पीछे दादा रूपराम खोथ, बाड़मेर रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव कौशलाराम विराट, राणाराम विराट, मोहनलाल सारण, सवाई सैन गौड़ा, गिरीश कुमार थोरी, रवि चौधरी, फरसाराम सारण, शंकुतला चौधरी के साथ समस्त स्टाफ को दिया है।
विधायकों ने दी बधाई
इंडियन टीम में चयन होने के बाद जिला प्रमुख महेेंद्र चौधरी, बायतु विधायक हरीश चौधरी, बाड़मेर विधायक ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म पर बधाई दी है। गांव में भुरटिया सरपंच प्रतिनिधि उत्तमचंद खोथ , मूलारामजी पुनिया पूर्व जिलाध्यक्ष वीडीओ संघ बाड़मेर , अमरसिंह गोदारा सीबीईओ आडेल व हनुमान प्रसाद गोदारा वीडीओ ने घर पर जाकर सुशीला के दादाजी रूपाराम को बधाई दी।
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