जयपुर के मानसरोवर में विप्र फाउंडेशन की ओर से बनाए गए श्री परशुराम ज्ञानपीठ सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च का आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार साल 2027 तक प्रद
मुख्यमंत्री ने सरकार के संकल्प पत्र और विजन का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने जो आते ही लक्ष्य निर्धारित किए है, उस पर काम तेजी से करना शुरू कर दिया है। हमारी पहली प्राथमिकता प्रदेश में पानी की समस्या को दूर करने की थी, जिस पर हमने काम करते हुए ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना समेत अन्य पर काम करके पानी संरक्षण, वर्षा जल उपयोग और उपलब्धता बढ़ाने पर काम किया।

इसके बाद हमने दूसरी प्राथमिकता बिजली को दी। किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी बिजली को लेकर होती है। हमने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2027 तक किसानों को अन्नदाता नहीं बल्कि बिजलीदाता के तौर पर जाना जाए, उनको रात के साथ-साथ दिन में भी बिजली मिले, इस पर काम शुरू कर दिया।
हमारे समय में नहीं होगा एक भी पेपर ली
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार आई तो मैंने वादा किया था कि हमारे कार्यकाल में किसी भी युवा को पेपर लीक का दंश नहीं झेलना पड़ेगा। मैंने पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि हमारे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होगा। और जिन युवाओं इस पेपर लीक के दंश को झेला है मैं उनको दुखी नहीं होने दूंगा।

गरीब और पिछड़ों के भविष्य की चिंता को दूर किया
मुख्यमंत्री ने इससे पहले श्री परशुराम ज्ञानपीठ सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च सेंटर के बनाने पर विप्र फाउंडेशन की तरीफ की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के बनने उन युवाओं और गरीब परिवारों के भविष्य की चिंता को दूर किया, जिनमें कुछ करने जज्बा और हुनर होता है, लेकिन वे आर्थिक या परिवार की परिस्थिति या कहें जिम्मेदारी के चलते कर नहीं पाते थे। ऐसे बच्चों को इस संस्था के माध्यम से समाज में आगे आने का मौका मिलेगा। ये केवल रिसर्च केन्द्र ही नहीं बल्कि ज्ञान और संस्कृति का नया केन्द्र भी होगा।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपील की, कि आपकी कॉलोनी, मोहल्ला, गांव या कस्बे में कोई ऐसा व्यक्ति दिखे जो जरूरतमंद है और उसके पास संसाधनों का अभाव है या उसे समाज में आगे लाने की जरूरत है। तो मैं कहना चाहता हूं कि राज्य और केन्द्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं है, जो इन लोगों के लिए बनी है उन योजनाओं से इन लोगों को जोड़ने का काम आप करेंगे तो अच्छा होगा।
पिछली बार 7 के मुकाबले 7.55 करोड़
इस बार 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हमने अब तक 11.25 करोड़ पौधे लगा दिए।
गो महाकुंभ में होकर आया हूं।
एक समय था जब घर में पहली रोटी गाय के लिए बनती थी। हमारी सरकार ने गौशालाओं में रह रही गायों के लिए अनुदान राशि को 34 रुपए से सीधा 50 रुपए और गायों के बच्चों के लिए 17 से 25 रुपए का अनुदान किया।
अगर आपके आसपास कोई ऐसा दिख रहा हो, जिसे आर्थिक या अन्य किसी की जरूरत है तो उसे सरकार की योजनाओं से जुड़वाने का काम जरूर करें। चाहे वह बेरोजगार है तो उसे स्कील डवलपमेंट या अन्य योजनाओं से जोड़े।
हम दो हमारे दो की प्रवृति से बाहर निकलों।
वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण शर्मा, वन पर्यावरण मंत्री
विधायक गोपाल शर्मा, बाल मुकुंदाचार्य
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