सरकारी गर्ल्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने से नाराज छात्राओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा है।
दरअसल, ब्यावर जिले के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को 14 जुलाई को राजकीय माध्यमिक स्कूल (बॉयज स्कूल) देलवाड़ा में मर्ज कर दिया। इसके विरोध में छात्राओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया था कि विभाग ने बिना पेरेंट्स की अनुमति के गर्ल्स स्कूल में पढ़ रही 276 छात्राओं का नामांकन बॉयज स्कूल में कर दिया। जबकि बॉयज स्कूल में पहले से 303 छात्र नामांकित हैं।
वहीं बॉयज स्कूल के भवन में इतने कमरे नहीं हैं कि सभी स्टूडेंट्स को एक साथ बैठाया जा सके। गर्ल्स स्कूल में इस साल भी 40 नए नामांकन आए हैं। लेकिन उसके बाद भी स्कूल को मर्ज कर दिया गया।
जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने प्रिया सहित अन्य छात्राओं की याचिका पर सुनवाई करते शिक्षा विभाग से 7 दिन में जवाब मांगा है।

मर्ज करने के विरोध में छात्राओं ने 16 जुलाई को स्कूल के बाहर धरना भी दिया था।
छात्राओं ने धरना भी दिया था वकील रामप्रताप सैनी ने कहा कि शिक्षा विभाग का यह निर्णय शिक्षा के अधिकार और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। लड़कियों की सुरक्षा, सुविधाओं और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए यह मर्जर निर्णय अनुचित है।
इस निर्णय के खिलाफ ग्रामीणों और छात्राओं ने 16 जुलाई को स्कूल के बाहर धरना भी दिया था। वहीं जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक ने स्कूल को मर्ज नहीं करने के लिए शिक्षा विभाग को लेटर भी लिखे थे। लेकिन उसके बाद भी विभाग ने स्कूल को मर्ज कर दिया।
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