पुस्तक परिचर्चा व भव्य साहित्यकार सम्मान समारोह को संबोधित करते साहित्यकार।
जिला परिषद सभागार में अखिल भारतीय साहित्य परिषद टोंक इकाई के तत्वावधान में पुस्तक परिचर्चा व साहित्यकार सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। इसमें प्रदेश भर से कई कहानीकार, साहित्यकार शामिल हुए। इसमें जिले के भी 8 और 9 कहानीकार को सम्मानित किया गया।
बोले- साहित्य में समाज को तोड़ने की लेखनी रोकनी होगी
मुख्य वक्ता के तौर पर परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री मनोज कुमार ने कहा- साहित्य में कुरूपता, नकारात्मकता, समाज को तोड़ने की वृद्धि, बाजारवाद और केवल सम्मान के लिए लिखने की जो होड़ मची है, उस पर विचार- विमर्श करना होगा। मनोज कुमार ने कहा कि हमें सभी भारतीय भाषाओं में पुरोहित भारतीय संस्कृति- सभ्यता और भारतीयता के संदर्भ को प्रकाशित करना होगा।
इसके लिए युवाओं के बीच हमें जाना होगा व उन्हें साहित्य सृजन के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इसके साथ ही नव भारतीय साहित्य का निर्माण करके उनके पढ़ने की व्यवस्था भी करनी होगी। अच्छे साहित्य का विश्व की भाषाओं में अनुवाद करके भारत की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य को वैश्विक स्तर पर भी लाना होगा।

सुजीत सिंहल को समारोह में सम्मानित करते अतिथि।
वैश्विक पटल पर आएगी मजबूती
परिषद के प्रदेश महामंत्री डॉ. केशव शर्मा ने राष्ट्रबोध, स्व का बोध और भारतीय संस्कृति व सभ्यता से जुड़े विमर्श और साहित्य के सृजन तथा पठन से युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर युवाओं को जोड़ने से ही भारतीय संस्कृति वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित होगी।
परिषद के संगठन मंत्री डॉ. विपिन चंद्र ने कहा कि साहित्य और साहित्यकार समाज तथा राष्ट्र का निर्माता है। राष्ट्र एवं समाज में एक सकारात्मक वातावरण बनाकर राज्य को वैचारिक श्रेष्ठता के परम शिखर पर ले जाना साहित्यकार की परम भूमिका है। उन्होंने परिषद की संरचना, भूमिका, कार्य शैली, राष्ट्रीय अधिवेशन और कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी भी दी।

समारोह में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पारसमल जैन क्को सम्मानित करते अतिथि।
अजेय भारत पर हुई परिचर्चा
मीडिया प्रभारी दयाशंकर शर्मा ने बताया कि टोंक इकाई गठित होने के बाद पहली बार आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री मनोज कुमार रहे। इसके अलावा विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रदेश महामंत्री डॉ. केशव शर्मा और प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिन चन्द्र का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में प्रख्यात लेखक आर. एल. दीपक द्वारा लिखित पुस्तक “अजेय भारत” पर परिचर्चा की गई। इसके अलावा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले टोंक जिले के 8 साहित्यकारों का सम्मान किया गया। समारोह में जिला स्तरीय कहानी लेखन प्रतियोगिता के तीन वर्गों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने जिले के 9 कहानीकारों का भी सम्मान किया गया। मंच संचालन कवि हनुमान बादाम ने किया। परिषद के अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार वर्मा व ममता जाट मंजुला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कहानी कार को सम्मानित करते अतिथि।
साहित्यकारों का सम्मान भी हुआ
परिषद के जिला संयोजक सुरेश बुन्देल ने बताया कि साहित्यकारों में आर. एल. दीपक (मालपुरा), पारस चन्द जैन (देवली), श्योराज बम्बेरवाल ‘सेवक’ (मालपुरा) सुजीत सिंहल, ब्रजराज स्नेही, बाबूलाल नायक, निकिता विजयवर्गीय व रोहित शर्मा को सम्मानित किया गया।
कहानी लेखन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर केदार शर्मा, एडवोकेट अवधेश कुमार जैन, मोहम्मद फहीम (टोंक), अस्फीया नाज़ (मालपुरा), अजहान शाह खान, प्रदीप वर्मा, दिलखुश वर्मा (टोंक), सरिता गुर्जर व गुड्डी गुर्जर (खरेड़ा) को भी सम्मानित किया गया।

समारोह में साहित्यकार को सम्मानित करते अतिथि।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह संघ चालक डॉ. दिनेश बुन्देल, विभाग प्रचारक लक्ष्मण सिंह, विभाग प्रचार प्रमुख महेन्द्र विजय, सह विभाग कार्यवाह पूरण मल कुशवाहा, जिला प्रचारक अशोक कुमार, तुलसी दास, परिषद के रमेश कुमार चौधरी, सावित्री गौतम, हंसराज हंस, शिमला शर्मा शुभ्रा, चन्द्रशेखर मीणा, महावीर सिंह, डॉ. नीतू चौधरी, डॉ. प्रणु शुक्ला, डॉ. राशिद, प्रमोद कुमार शर्मा, लियाकत अली आदि जिले के शिक्षाविद, साहित्यकार व साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
इनपुट: विनोद शर्मा।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments