बाड़मेर जिले के चौहटन डीएसपी जीवन लाल खत्री के अपने ही ड्राइवर हेड कॉन्स्टेबल रामू राम मेघवाल को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। घटना के बाद उच्चाधिकारियों ने मामले को दबा दिया। लेकिन एक ऑडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया ह
मामले के अनुसार गुरुवार 11 सितंबर की रात धनाऊ थाना इलाके से वापस लौटने के दौरान डीएसपी और ड्राइवर के बीच में बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि डीएसपी ने ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। ड्राइवर रामूराम का कहना है कि अब वे इस अन्यायपूर्ण माहौल में नौकरी नहीं करना चाहते है, मुझे सेवानिवृति दी जाए।

सांसद ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर उच्च स्तरीय जांच की मांग।
‘इस माहौल में नौकरी नहीं कर सकता’ हेड कॉन्स्टेबल रामू राम ने बताया- गुरुवार 11 सितंबर की रात को चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री, रीडर गोपीकिशन कटारिया के साथ जांच के लिए धनाऊ इलाके में पहुंचे। वहां से रात को करीब 9.30 बजे वापस रवाना होकर चौहटन आ रहे थे। तभी डीएसपी ने दूसरे ड्राइवर को पूछते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी। सामने बोलने पर गाड़ी को रुकवा दिया। इस दौरान मेरे को थप्पड़ मार दी। एसपी नरेंद्र सिंह मीणा को इसकी जानकारी लगने पर बाड़मेर एएसपी जसाराम बोस को मौके पर भेजा। उन्होंने समझा कर मेरे से राजीनामा लिखवा दिया। शुक्रवार 12 सितंबर को मैं बाड़मेर एसपी के पास गया। तब मैंने उनको पूरा घटनाक्रम बताया। लेकिन मेरे साथ अब कोई नहीं है। अब मैं इस माहौल में नौकरी नहीं कर सकता। मेरे अधिकारी मेरे साथ नहीं है।

हेड कॉन्स्टेबल रामू राम ने चौहटन डीएसपी जीवनलाल खत्री पर थप्पड़ और गाली-गलौच करने का आरोप लगाए है।
हेड कॉन्स्टेबल का ऑडियो आया सामने हेड कॉन्स्टेबल रामू राम किसी अन्य व्यक्ति (समाज) से बात करते हुए का ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। बीते कुछ घंटों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह ऑडियो तेजी से शेयर हो रहा है।
डीएसपी बोले— मेरा बार-बार रास्ता रोका मामले को लेकर डीएसपी जीवनलाल खत्री ने बताया- हेड कॉन्स्टेबल रामू राम गाड़ी लापरवाहीपूर्वक चला रहा था। तब मैंने गाड़ी को रुकवा दिया। मैंने दूसरी गाड़ी मंगवाई, लेकिन इस दौरान मेरा बार-बार रास्ता रोका। उच्चाधिकारियों को जानकारी में आने के बाद समझा बुझाकर बात को खत्म कर दिया। लेकिन अब लोगों के कहने पर बनावटी बातें बनाकर मेरे ऊपर आरोप लगा रहा है। ऐसा कुछ हुआ नहीं।

आरएलपी सुप्रीमो ने किया ट्वीट कर की निष्पक्ष जांच की मांग आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने मामले को लेकर ट्वीट किया है। बेनीवाल ने लिखा कि चौहटन वृत्ताधिकारी (डीएसपी) के पद पर कार्यरत राजस्थान पुलिस का एक अधिकारी ने अपने अधीनस्थ कार्यरत एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उसके साथ मारपीट का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। पुलिस अधिकारी स्वयं अधीनस्थ कार्यरत एक कार्मिक के साथ ऐसा बर्ताव करना न केवल निदंनीय है बल्कि सरकार की नीतियों पर भी सवालिया निशान है। बेनीवाल ने मांग है कि मामले से उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। न्याय संगत कार्रवाई की जाए।
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