अयोध्या कैंट से भावनगर जा रही साप्ताहिक ट्रेन में बुधवार को विवाद हो गया। बांदीकुई जंक्शन पर रेलकर्मियों ने इंजन में चढ़कर आगरा के लोको पायलट और गार्ड को ट्रेन से उतार दिया। इसके बाद बांदीकुई से अपने लोको पायलट और गार्ड को बैठाकर ट्रेन को आगे रवाना क

आगरा के गार्ड से जानकारी लेती आरपीएफ।
यह है मामला
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन के डिवीजनल असिस्टेंट सेक्रेटरी मानसिंह गांगुली ने बताया-
भावनगर–अयोध्या कैंट साप्ताहिक ट्रेन का संचालन हाल ही में शुरू हुआ है। रेलवे के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर ने आदेश जारी किया था कि इस ट्रेन का संचालन बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड द्वारा किया जाएगा। इनका कार्यक्षेत्र अजमेर से टूंडला और टूंडला से अजमेर तय किया गया है।
मंगलवार को बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड भावनगर–अयोध्या कैंट ट्रेन को लेकर अजमेर से टूंडला जा रहे थे। लेकिन आगरा स्टेशन पर वहां के लोको पायलट और गार्ड ने बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड को जबरन उतार दिया और उन्हें टूंडला तक नहीं जाने दिया।
बुधवार को अयोध्या कैंट–भावनगर ट्रेन को टूंडला से अजमेर तक बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड को लाना था, लेकिन आगरा के लोको पायलट और गार्ड ट्रेन को लेकर आए। इन्हें बांदीकुई में उतार दिया गया, जिसके बाद ट्रेन को अजमेर तक बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड लेकर गए।

ट्रेन से उतारे जाने के बाद जाते आगरा के लोको पायलट व गार्ड।
बोले-कई बार विरोध किया, रेलवे समाधान नहीं कर रहा
बांदीकुई के रेलकर्मियों का आरोप है कि लंबे समय से आगरा मंडल बांदीकुई के लोको पायलट और गार्ड को वर्किंग नहीं करने दे रहा है। बांदीकुई वर्किंग वाली ट्रेनों में आगरा मंडल अपने लोको पायलट, गार्ड और स्टाफ को बैठाकर संचालन कर रहा है। इसका कई बार विरोध किया जा चुका है, लेकिन रेलवे प्रशासन ने अभी तक समाधान नहीं किया है।
हमें जबरन उतारा गया
आगरा से ट्रेन में आए गार्ड अशोक कुमार कौशिक ने बताया कि उन्हें इस ट्रेन में कार्य के लिए जयपुर तक भेजा गया था, लेकिन बांदीकुई में जबरन उतार दिया गया। उन्होंने कहा-यह गलत है और हमने इस मामले की शिकायत अधिकारियों से की है।
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