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प्रदेश के 215 टीचर्स को सेशन 2023-24 में सत्तर फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले टीचर्स को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इन टीचर्स को दस दिन में जवाब देना होगा कि उनका रिजल्ट तय मानदंडों से कम क्यों रहा? इसमें राज्य के वो सात शिक्षक भी शामिल है, जिनका रिजल
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने फिलहाल इन टीचर्स को कारण बताओ नोटिस दिए हैं लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके खिलाफ सेवा नियमों के 17 सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत पदोन्नति और इंक्रीमेंट भी रोके जा सकते हैं। जिन टीचर्स के रिजल्ट खराब रहे हैं, उसमें दसवीं बोर्ड का रिजल्ट विशेष रूप से आधार बनाया गया है। इसमें 118 टीचर्स का रिजल्ट दसवीं बोर्ड में ही खराब है। वहीं शेष 97 का रिजल्ट बारहवीं में खराब रहा है।
अब निदेशक के आगे पेशी
कारण बताओ नोटिस के बाद इन टीचर्स को स्वयं निदेशक के समक्ष पेश होकर लिखित जवाब देना होगा। अगर निदेशक इनके जवाब से संतुष्ट होते हैं, तो उसी समय जांच बंद हो जाएगी। अन्यथा इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू होगी। इस दौरान टीचर्स की पदोन्नति पर सीधा असर पड़ेगा। सभी टीचर्स को अलग अलग तारीख देकर पर्सनल हियरिंग में बीकानेर बुलाया जाएगा।
इन टीचर्स का रिजल्ट शून्य
इस लिस्ट में सात टीचर्स को शून्रू रिजल्ट के कारण भी नोटिस दिया जा रहा है। जिसमें अलवर, पाली, उदयपुर, भीलवाड़ा, नागौर, जोधपुर और हनुमानगढ़ शामिल हे। इन सभी का बारहवीं में रिजल्ट खराब है। उदयपुर के शेर बानू का उर्दू में, महात्मा गांधी स्कूल बेगूं के सतीश चंद्र का ड्राईंग में, जोधपुर के रामनिवास चौधरी का जीओग्राफी में, हनुमानगढ़ में करनपुरा के सुरेंद्र भादू का फिजिक्स में, पाली की अंजलि सोनी का पॉलिटिकल साइंस में, नागौर के जलवाना के पूनाराम का जीओग्राफी में, अलवर के मालाखेड़ा के रमाकांत शर्मा का फिजिक्स में शून्य परसेंट रिजल्ट रहा है।
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