The Supreme Courtroom stated that it’s not essential to serve discover on the accused earlier than taking cognizance; summons may also be served on-line. | चेक बाउंस केस: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अब प्रसंज्ञान से पहले आरोपी को नोटिस देना जरूरी नहीं; समन की तामील ऑनलाइन भी हो सकेगी – Jaipur Information
देशभर में चेक बाउंस केसों की संख्या में बढ़ोतरी और निस्तारण में लगातार देरी हो रही है। चेक बाउंस के कई केस तो दशकों से तारीख, तामील व बहस में उलझे हुए हैं। हालात ये हैं कि पिछले तीन साल में देश में 12 लाख केस बढ़ गए। जयपुर में यह संख्या 2.50 लाख से […]





