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चुनाव आयोग की ओर से नोटिफिकेशन जारी किए जाने के साथ ही उपराष्ट्रपति पद से प्रत्याशी को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज है। पद से इस्तीफा दे चुके जगदीप धनखड़ राजस्थान के किसान वर्ग से आते थे। ऐसे में राजस्थान को लेकर उम्मीदें बढ़ी हुई हैं कि अगला नाम भी यहीं

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हालांकि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार एनडीए का प्रत्याशी ओबीसी या मुस्लिम वर्ग से लाया जाने की चर्चा है। ओबीसी में भी जाट या यादव समाज। इससे भाजपा तीन राज्यों सहित बड़े समाज को साधने की जुगत में है। हालांकि राजस्थान से जो नाम सर्वाधिक चर्चा में हैं, उनमें से एक भी नाम हालांकि इन दोनों वर्ग से नहीं हैं। अल्पसंख्यक में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और ओबीसी में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देववृत के नामों की चर्चा है। हालांकि इनका राजस्थान से सीधा जुड़ाव नहीं नहीं रहा है। देववृत हरयिाणा के हैं और जाट समाज से आते हैं।

इनका रहा राजस्थान से जुड़ाव शंकरदयाल शर्मा – 3 सितंबर 1987 से 24 जुलाई 1992 तक देश के उपराष्ट्रपति व 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक देश के राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा की पत्नी राजस्थान की निवासी ही थीं।

भैरोंसिंह शेखावत- 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007 तक देश के उपराष्ट्रपति रहे भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के 3 बार मुख्यमंत्री रहे। वे राजस्थान के झुंझुनूं के मूल निवासी थे।

जगदीप धनखड़ – 11 अगस्त 2022 से 21 जुलाई 2025 तक उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनूं के मूल निवासी हैं।

प्रतिभा पाटील- 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक देश के राष्ट्रपति रहीं प्रतिभा पाटील के पति देवीसिंह शेखावत मूल रूप से सीकर के लोसल के रहने वाले थे, जो बाद में महाराष्ट्र में जाकर बस गए थे। पाटील खुद राजस्थान में राज्यपाल रहते राष्ट्रपति बनीं थीं।

राजे, तिवारी और माथुर की चर्चा भाजपा में फिलहाल राजस्थान से राजनीतिक फिट बैठ रहा हो या नहीं, लेकिन तीन नामों पर प्रमुखता से बात चल रही है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को लेकर उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद से चर्चा ज्यादा हुई। और चर्चा इसलिए भी कि यह मुलाकात धनखड़ के इस्तीफे के बाद हुई। राजे के अतिरिक्त पूर्व मंत्री व राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी को लेकर भी अटकलें जोरों पर हैं।

असल में जगदीप धनकड़ का इस्तीफा मंजूर होने की औपचारिक जानकारी राज्यसभा में पीठासीन अधिकारी घनश्याम तिवारी ने ही दी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आईं। तीसरा और सबसे वजनदार नाम सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर का लिया जा रहा है। भाजपा के दिल्ली स्थित सूत्रों के अनुसार माथुर न केवल पीएम मोदी के नजदीकी हैं, बल्कि संघ और भाजपा संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ता की छवि भी है। माथुर के लिए यही कारण पार्टी के अंदर सबसे उपर्युक्त माने जा रहे हैं।



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