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कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करते किसान।
जालोर जिले के आहोर उपखण्ड के कंवला,चवरछा, सुगलिया सिधंलान गांव में हुई मूसलाधार बारिश से खरीफ की फसल खराब हो गई है। इसका सर्वे करवाने, किसानों को मुआवजा व बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर किसानों ने गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर ज्
प्रशासन की अनदेखी
किसानों ने बताया कि ज्यादा बारिश से खेतों में पानी भर गया हैं, जिससे 70 से 75 दिन की खरीफ की फसलें (मूंग, ग्वार, बाजरा, तिल) जो कि लगभग पकने की स्थिति में थी, लगभग 100 प्रतिशत खराब व चौपट हो गई है। इस घटना की जानकारी प्रशासन को भी है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए खराबे का सर्वे करवाना आवश्यक हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस काश्तकार का खसरा चयनित किया गया है, जिसमें फसल कटाई प्रयोग किया जाना है, तो उस काश्तकार को उसी समय सूचित किया जाए और उसके सामने फसल कटाई प्रयोग किया जाए। साथ ही, उसे फसल कटाई प्रयोग के फॉर्म की प्रतिलिपि उसी समय वजन करके, सभी संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर करवाकर किसानों को दी जाए, ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।
ज्ञापन में खराबे की सर्वे की मांग
बताया गया है कि इस वर्ष आहोर विधानसभा क्षेत्र सहित जालोर जिले में ज्यादा बारिश के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, फसल खराबे के सर्वे कार्य में देरी हो रही है। अगर समय पर (72 घंटों के भीतर) सर्वे नहीं किया जाता है, तो बीमा कंपनियां क्लेम देने से इनकार कर देती हैं, जिससे किसानों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ज्ञापन के माध्यम से सर्वे कार्य को तत्काल और व्यवस्थित रूप से शुरू करवाने की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों को सख्ती से निगरानी के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि कोई भी किसान मुआवजे और बीमा क्लेम से वंचित न रहे।
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