अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़
मानसून की शुरुआत के साथ ही जिले में मौसमी बीमारियों ने तेजी से अपने पैर पसार लिए हैं। नमी, गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 12 डेंगू, एक मलेरिया और पांच चिकनगुनिया के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। इन मरीजों में ज्यादातर वायरल फीवर, डेंगू के लक्षण, पेट की समस्या और त्वचा पर लाल चकत्ते (स्किन रैश) की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चों में हैंड-फुट-माउथ डिजीज (HFMD) के मामले भी बढ़ रहे हैं।
जिले के प्रमुख अस्पतालों से लेकर छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भीड़ में डेढ़ से दो गुना की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों पर नियंत्रण के लिए ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान शुरू किया है, लेकिन शुरुआती दिनों में इसकी धीमी गति को लेकर लोगों में असंतोष है।

जिले में बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप
मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि
राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में रोजाना 3000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नवलगढ़, मलसीसर, चिड़ावा और खेतड़ी जैसे उप जिला अस्पतालों में भी प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 500 से अधिक मरीज रोज इलाज ले रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी वायरल बुखार, जोड़ों में दर्द और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
अभियान पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग ने 4 से 30 अगस्त तक ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य घर-घर सर्वे करके लार्वा को नष्ट करना और लोगों को इन बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना है। हालांकि, अभियान के शुरू होने के बावजूद कई क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचे और न ही लार्वा नष्ट करने की कोई कार्रवाई की गई, जिससे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान, लेकिन जमीनी स्तर पर धीमी गति
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि विभाग सतर्क है और अस्पतालों में पर्याप्त दवा और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने दावा किया कि अभियान के तहत घर-घर सर्वे और एंटी-लार्वा गतिविधियां कराई जा रही हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करनी चाहिए। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से कोई दवा न लें। बच्चों में HFMD के लक्षण दिखने पर उन्हें स्कूल न भेजें।
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