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अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करने, टिब्बी तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि से जमा पानी की निकासी करवाने और फसलों की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग की है।
भारतीय किसान संघ ने अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करने, टिब्बी तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि से जमा पानी की निकासी करवाने और फसलों की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में किसान संघ के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को जिला क
किसान संघ जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि धान मंडियों में खरीफ फसलें विक्रय के लिए आनी शुरू हो गई हैं। हालांकि अतिवृष्टि से फसलें खराब हो चुकी हैं, लेकिन जो फसलें बची हुई हैं, उनको निकालकर किसान धान मंडियों में विक्रय के लिए लाने लगे हैं। मूंग, मूंगफली, मोठ, नरमा फसलों के लिए सरकारी खरीद रेट तय हैं, लेकिन खरीद तो दूर अभी तक रजिस्ट्रेशन ही शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने मांग की कि जिले में एक अक्टूबर से मूंग, मूंगफली और नरमा की सरकारी खरीद शुरू की जाए, ताकि किसानों को सरकारी खरीद का फायदा मिल सके। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि ज्यादा बारिश की वजह से जिले में किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन जिले में अभी तक किसी भी तहसील में प्रशासन ने किसानों की सुध नहीं ली है। औपचारिकता निभाने के लिए पटवारी घर बैठे खराबा गिरदावरी कर शून्य या फिर नाममात्र का खराबा दिखा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिले में अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन सही तरीके से करवाकर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
बर्बाद फसलों का मुआवजा देने की मांग इधर दूसरी तरफ बर्बाद फसलों का मुआवजा एवं फसल बीमा क्लेम और एमएसपी पर फसलों की खरीद की मांग को लेकर किसानों ने गुरुवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मांगों के संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि हनुमानगढ़ जिले की तहसील भादरा, नोहर, रावतसर, पीलीबंगा, संगरिया, टिब्बी, पल्लू में अतिवृष्टि की वजह से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। जिससे किसानों की सारी फसलें तबाह हो गई हैं। मूंग की फसल, नरमा कपास की फसल, ग्वार की फसल और बाजरे में भी भारी नुकसान हुआ है। साथ ही जिले के कई गांव में अतिवृष्टि की वजह से फसलें पानी में डूब गईं। जिसमें भादरा तहसील का बिरान गांव पूरे तरीके से प्रभावित है, जिसमें फसलें चौपट हो चुकी हैं। इसी तरीके से टिब्बी तहसील के दर्जनों गांव पानी भरने की वजह से प्रभावित है। वहां के किसान मुआवजे की मांग को लेकर धरना लगाए हुए हैं। आज पूरे जिले का किसान फसलों के मुआवजे फसल बीमा क्लेम की मांग कर रहा है।
किसान सभा ने मांग की कि फसल बीमा क्लेम के लिए क्रॉप कटिंग में अंकुरित और सड़े गले दाने शामिल नहीं किए जाएं। बकाया पड़ा फसल बीमा क्लेम दिलाया जाए। विशेष गिरदावरी करवाकर फसलों का मुआवजा दिया जाए। स्मार्ट मीटर लगाना बंद हो। पैदा हुई फसलों को सही तरीके से तोला जाए। जैसे धान की सरकारी खरीद की जाए और कॉटन की सीसीआई से खरीद की जाए और मूंग का अभी से पोर्टल शुरू किया जाए। रबी की फसल बुवाई के लिए खाद बीज का प्रबंध समय पर किया जाए। पूरे जिले की तमाम नहरों की सफाई और टेलों तक पूरा पानी पहुंचाया जाए। जिले में अतिवृष्टि से जो मकान क्षतिग्रस्त हुए है उनका मुआवजा दिया जाए। मनरेगा में 600 रुपए मजदूरी और 200 दिन प्रत्येक परिवार को काम दिया जाए। जिले में करीब 1500 डिग्गियों का बकाया अनुदान तुरंत प्रभाव से जारी करवाया जाए। किसान सभा प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर गोपाल बिश्नोई, ओम जांगू, चरणप्रीत सिंह, राजेन्द्र, रमेश मील आदि मौजूद रहे।
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