केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने दिया समाधान निकलवाने में सहयोग का भरोसा।
जोधपुर में सरकारी विभागों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों का आंदोलन और टेंडर्स का बहिष्कार लगातार जारी है। 15 जुलाई से शुरू हुए इस आंदोलन के कारण न केवल जोधपुर बल्कि पूरे प्रदेश में विकास कार्य और सड़कों की मरम्मत रुकी हुई है। मॉनसून के मौस
सरकार और ठेकेदारों के बीच गतिरोध समाप्त नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जोधपुर समेत पूरे प्रदेश में अधूरे कामों और जर्जर सड़कों से जनता की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। कॉन्ट्रैक्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी की अगुआई में आज जोधपुर दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात सुनने के बाद कुमावत ने जल्द ही सरकार और कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के बीच बातचीत कराकर व्यावहारिक समाधान का आश्वासन दिया।

राज्य स्तरीय समारोह की तैयारी में, विकास कार्य बंद एक ओर प्रशासनिक अमला, जेडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित सभी विभाग 15 अगस्त को शहर में होने वाले राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों में जुटा है। जिसमें मुख्यमंत्री झंडारोहण करेंगे। दूसरी ओर ठेकेदारों के आंदोलन के कारण निर्माण और मरम्मत कार्य पूरी तरह बंद हैं। अधिकारी भी इन हालातों में जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। करोड़ों की योजनाएं अधर में लटकी हैं।
ठेकेदारों की प्रमुख मांगें संघर्ष समिति संयुक्त ठेकेदार महासंघ राजस्थान के सदस्य नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि लंबे समय से ठेकेदार अपनी मांगों को विभिन्न स्तर पर समाधान के लिए उठा रहे हैं। इनमें सरकारी फंडिंग वाले सभी टेंडर्स में डिफेक्ट्स लायबिलिटी पीरियड (DLP) को एक वर्ष करने, टाइम एक्सटेंशन मामलों में विलंब अवधि के साथ ही जुर्माना शुल्क अलग से लेने, 2017 से लागू एसओपी के अनुसार सभी विभागों और स्थानीय निकायों में सामग्री दर लागू करने, जीएसटी की अदायगी पुराने मामलों में जल्द निपटाने तथा अन्य विभिन्न वित्तीय मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग शामिल है।
साथ ही, बकाया भुगतान 30 दिनों के भीतर तत्काल किए जाने एवं अतिरिक्त ब्याज की वसूली नहीं करने, अलग-अलग सड़कों व भवनों की निविदाएं अलग जारी करने, कार्य गुणवत्ता रिपोर्ट के बाद ही अंतिम भुगतान करने, सभी टेंडरों में समान शर्तें लागू करने जैसी मांगें भी प्रमुखता से रखी गई हैं।
मांगे पूरी होने पर खत्म करेंगे धरना आंदोलन का नेतृत्व नरेंद्र सोलंकी, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल राजस्थान कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन एवं संघर्ष समिति संयुक्त ठेकेदार महासंघ राजस्थान के सदस्य कर रहे हैं। उनके साथ धरने में महेश गहलोत (अध्यक्ष, जोधपुर पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संघ), रवि परिहार (अध्यक्ष, जेडीए जोधपुर ठेकेदार संघ), इंदर सिंह टॉक, रतनलाल बिश्नोई, पूनम चंद बिश्नोई, भंवर चौधरी, पप्पू चौधरी, सरवन भाटी, हंसराज कुमार, माही राम बिश्नोई, रवि सेवर, जोगिंदर भादू सहित कई ठेकेदार शामिल हैं।
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