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व्यवसायिक प्रशिक्षकों ने राज्य मंत्री ओटाराम देवासी से लगाई नौकरी बचाने की गुहार।
सिरोही के राजकीय स्कूलों में कार्यरत 110 व्यवसायिक प्रशिक्षकों ने राज्य मंत्री ओटाराम देवासी से मुलाकात की। कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव के नेतृत्व में प्रशिक्षकों ने अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।
ये प्रशिक्षक केंद्र प्रवृत्ति व्यवसायिक शिक्षा योजना के तहत काम कर रहे हैं। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एक दशक से सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा दे रहे हैं। इनका एग्रीमेंट 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।
इससे पहले राजस्थान में 2,597 व्यवसायिक प्रशिक्षकों को 13 जून 2025 में नौकरी से हटा दिया गया था। नए एग्रीमेंट के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। प्रशिक्षकों का कहना है कि हर 2-3 साल में एग्रीमेंट खत्म होता है। नया एग्रीमेंट होने में 4-6 महीने लग जाते हैं। इस दौरान वे बेरोजगार हो जाते हैं।
केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति में 2030 तक सभी माध्यमिक विद्यालयों को व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सत्र 2025-26 के लिए प्रशिक्षकों का मानदेय बढ़ाया गया है, लेकिन यह बढ़ा हुआ मानदेय उन्हें नहीं मिल रहा है। सेवा प्रदाता कंपनियां हैंडलिंग चार्ज के नाम पर 6-7% कमीशन ले रही हैं, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
संगठन ने भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.रक्षा भंडारी व सांसद लुंबाराम चौधरी से भी एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने मांग कर चुके हैं। वेतन को सीधे जिला कार्यालय द्वारा भुगतान करने की व्यवस्था पंचायत राज शिक्षकों की तरह करने की मांग भी पूर्व में भी की जा चुकी है।
राज्य मंत्री ओटाराम देवासी से समस्या को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर तक पहुंचाने का निवेदन किया। राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने संगठन की मांगों व समस्याओं को आत्मीयता से सुनकर उनकी फाइल लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन कार्यक्रम में कीर्ति कुमार सोलंकी, कैलाश कुमार, गोपाल सिंह देवडा, राकेश प्रजापत सहित शिष्ट मंडल उपस्थित रहा।
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