![]()
भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति चला रखी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद पहल करते हुए 4 माह में 137 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा चलाने, नौकरी से निकालने, अभियोजन स्वीकृति, 16सीसीए या पेंशन रोकने के आदेश दि
कार्मिक विभाग की सिफारिशों को देखें तो 562 अफसरों की इस तरह के भ्रष्टाचार व अन्य अनियमितताओं की फाइलें विभागों में अटकी हुई हैं। विभागों में किसी को बचाने, किसी को फंसाने के खेल चल रहे। इसका नतीजा यह है कि प्रदेश के 24 विभागों के 562 प्रकरण ऐसे हैं, जिनकी फाइलें 2 से 6 साल से अटकी हुई हैं। ये फाइलें भी सीएम तक पहुंचे तो 562 अफसरों की पेंशन रुकने या मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई संभव है।
सीएमओ स्तर से इस तरह किए 137 प्रकरण निस्तारित
18 मार्च- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार के 13 मामलों का निस्तारण किया। एक मामले में सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन रोकने और 3 मामलों में सीसीए नियम 16 के अंतर्गत वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय किया। 5 मामलों में 7 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी।
29 मार्च- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 16 अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मंजूरी दी। सेवानिवृत्त 9 अधिकारियों की पेंशन रोके जाने की कार्यवाही की। 5 सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन भी किया गया है। सेवारत 3 अधिकारियों के विरूद्ध सीसीए नियम 16 के तहत 2 वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने का निर्णय किया गया है। एक प्रकरण में 17 सीसीए में प्रदत्त दंड को यथावत रखा।
1 अप्रैल- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और अभियोजन स्वीकृति दी। विचाराधीन 18 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए कुल 21 अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की स्वीकृति दी।
29 जून- सीएम भजनलाल ने भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई करते हुए एक आईएएस सहित 10 रिटायर्ड अधिकारियों की पेंशन रोकी। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में दोषी पाए गए एक आईएएस सहित 10 रिटायर्ड अफसरों की पेंशन रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेवारत अधिकारियों के 2 मामलों में सेवा समाप्ति और पदच्युत करने का फैसला किया गया। एक मामला अनधिकृत अनुपस्थिति व दूसरा भ्रष्टाचार से संबंधित है।
6 अगस्त- 9 पुलिस इंस्पेक्टरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी। एक आईएएस की जांच और 6 अफसरों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी गई। विचाराधीन 37 प्रकरणों में 55 अधिकारियों के खिलाफ जांच प्रकरणों में कार्रवाई की।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments