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एसओजी ने विभिन्न भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बिठाने और अपराधियों को शरण देने के मामले में 4 जनों को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने बताया कि पटवारी परीक्षा-2024 में फरार चल रहे आरोपी दिनेश कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है। इस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषि
दिनेश कुमार मीणा ने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 व एलडीसी भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी को बैठाकर पास करवाई गई थी। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा और इंटरव्यू में भी डमी अभ्यर्थी से दिलवाकर चयनित करवाया था। दिनेश ने अपने भाई मनीष मीणा, दीपक मीणा तथा मामा महेश मीणा के साथ मिलकर 3 भर्ती परीक्षाओं में 6 अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास कर चयनित हुए थे। सभी परीक्षाओं में रोशनलाल मीणा डमी अभ्यर्थी के रूप में बैठा था, जो पूर्व में गिरफ्तार होकर जेल में है।
जांच में सामने आया कि दीपक मीणा की जगह उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में रोशनलाल बैठा था, जिसमें दीपक मीणा लिखित परीक्षा में पास हो गया था। इसी प्रकार दीपक मीणा के भाई मनीष मीणा की जगह लिखित परीक्षा व इंटरव्यू में भी रोशन लाल बैठा था, जिसमें मनीष मीणा का उप निरीक्षक में चयन होकर वर्ष-2020 से इंटेलीजेंस में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत था, जिसे विभाग ने बर्खास्त कर दिया।
इसी प्रकार दिनेश कुमार मीणा व पूर्व में गिरफ्तार महेश कुमार मीणा की जगह थर्ड ग्रेट लिपिक की लिखित परीक्षा में रोशनलाल बैठा था, जिसमें ये दोनों चयनित होकर वर्तमान में वाणिज्यिक कर विभाग दौसा में नौकरी कर रहे थे। मनीष कुमार मीणा, दीपक कुमार मीणा व दिनेश कुमार मीणा तीनों सगे भाई हैं व महेश मीणा इनका मामा है। मनीष मीणा इस गिरोह का मुख्य सरगना है। मनीष मीणा ने अपने साथी रोशन मीणा के साथ मिलकर अपने रिश्तेदारों को डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयनित करवाया। अजय, शुभम व महेंद्र को देर रात जमानत पर छोड़ दिया।
मनीष पर 25 हजार का इनाम घोषित था : एसओजी की ओर से फरार आरोपी मनीष कुमार मीणा पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। इसके अतिरिक्त कंचन लाल मीणा व सागर मीणा की जगह पटवार सीधी भर्ती परीक्षा में भी रोशन लाल की ओर से डमी अभ्यर्थी के रूप में लिखित परीक्षा दी थी, जिसमें दोनों का चयन हुआ था। सागर मीणा को भी बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में अब तक 4 जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं फरार आरोपी मनीष कुमार मीणा व सागर मीणा की तलाश जारी है। जांच में सामने आया कि दिनेश कुमार मीणा तथा फरार आरोपी मनीष मीणा की फरारी के दौरान इनके सहयोगी रहे अजय कुमार मीणा ने अपने घर पर शरण दी थी। महेन्द्र कुमार ने शुभम फलोदिया को फरारी के दौरान अपने जानकारों के मकान किराए पर दिलवाए थे, जिन्हें जांच के बाद गिरफ्तार किया गया।
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