चित्तौड़गढ़ के मंडफिया में उस समय हंगामा हो गया जब सवाई माधोपुर से सांवरा सेठ के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के बीच बैग को लेकर विवाद हो गया। यह घटना मंदिर के बाहर स्थित प्रसादी की दुकानों के पास हुई, जहां दर्शन के लिए आए श्रद्ध
सवाई माधोपुर से आए लगभग 10-12 श्रद्धालुओं का एक समूह शनिवार को श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए पहुंचा था। मंदिर में दर्शन से पहले उन्होंने एक प्रसादी की दुकान पर अपने बैग रखवाए। इन बैगों में उनके निजी सामान थे। अमावस्या होने की वजह से मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी और दुकानों पर भी काफी रौनक थी। दुकानदार रतन माली ने दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को उनके बैग लौटा दिए, लेकिन एक बैग रह गया था।

श्रद्धालुओं द्वारा पत्थर बरसाते हुए।
बैग गायब होने पर हुआ हंगामा
जब श्रद्धालुओं ने देखा कि उनका एक बैग नहीं मिला है, तो उन्होंने दुकानदार से सवाल पूछना शुरू कर दिया। दुकान पर ग्राहकों की बहुत भीड़ होने के कारण दुकानदार ने उन्हें कुछ देर रुकने को कहा, लेकिन श्रद्धालु नाराज़ हो गए और उन्होंने दुकान पर हंगामा करना शुरू कर दिया। वे दुकानदार पर बैग चोरी करने का आरोप लगाने लगे। इसी दौरान श्रद्धालुओं में से एक ने दुकानदार को थप्पड़ मार दिया।
दुकानदारों ने उठाई लाठियां, श्रद्धालुओं ने किया पथराव
दुकानदार पर हाथ उठाए जाने के बाद वहां मौजूद अन्य दुकानदारों ने एकजुट होकर विरोध जताया। उन्होंने लाठियां उठाकर श्रद्धालुओं को डराने की कोशिश की। बात यहीं नहीं रुकी, बल्कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने भी जवाब में पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। थोड़ी ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहां अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस पहुंची मौके पर, झगड़े को किया शांत
मंदिर के पास हो रहे इस झगड़े की सूचना मिलते ही मंडफिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अधिकारी गोकुल डांगी ने बताया कि बैग को लेकर विवाद हुआ था। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने तुरंत दोनों पक्षों को समझा कर थाने बुलाया।
दोनों पक्षों ने नहीं दी रिपोर्ट, कार्रवाई से इनकार
थाना अधिकारी ने बताया कि दोनों ही पक्षों से कहा गया कि अगर उन्हें शिकायत करनी है तो FIR दर्ज कराई जाए, लेकिन श्रद्धालुओं और दुकानदारों ने इस बात से साफ इनकार कर दिया। वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर शांत किया और सवाई माधोपुर से आए श्रद्धालुओं को उनकी यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया।

दुकानदारों ने बरसाई लाठियां।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, श्रद्धालुओं से संयम रखने की अपील
इस घटना के बाद मंदिर परिसर के पास रहने वाले स्थानीय लोगों और अन्य दुकानदारों में नाराजगी देखी गई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन अगर इस तरह की घटनाएं होंगी, तो मंदिर की छवि खराब होगी। वहीं कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं की भी आलोचना की कि मंदिर में आकर संयम रखना चाहिए और किसी भी बात को लेकर हिंसक नहीं होना चाहिए।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments