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जयपुर एक बार फिर सिनेमा प्रेमियों का केंद्र बनने जा रही है। 20 सितम्बर को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में राजस्थान फिल्म फेस्टिवल (आरएफएफ) का 13वां संस्करण आयोजित होगा। यह आयोजन कई मायनों में खास होगा क्योंकि इस बार फेस्टिवल की मेजबानी बॉलीवु

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फेस्टिवल की फाउंडर संजना शर्मा ने बताया कि शो को नए अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए खास होस्टिंग कॉम्बिनेशन तैयार किया गया है। चंकी पांडे अपने ह्यूमर और अनोखे अंदाज से दर्शकों को मनोरंजन करेंगे, वहीं सुमित व्यास अपने नेचुरल एक्टिंग स्टाइल और राजस्थानी तड़के से शो को खास बनाएंगे। यहां डेजी शाह अपने रंग से शो में चार चांद लगाएंगी। गौरतलब है कि पिछले साल इस शो की मेजबानी बॉलीवुड एक्टर अरबाज खान ने की थी।

एक्टर सुमित व्यास राजस्थानी अंदाज में होस्ट करते नजर आएंगे।

एक्टर सुमित व्यास राजस्थानी अंदाज में होस्ट करते नजर आएंगे।

क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

संजना शर्मा ने कहा कि इस बार भी देशभर की रीजनल फिल्मों को नॉमिनेशन में जगह मिली है, जो भारतीय सिनेमा की विविधता और समृद्धि को प्रदर्शित करता है। फेस्टिवल का उद्देश्य न केवल क्षेत्रीय फिल्मों को एक मंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।देश की जानी-मानी हस्तियां जूरी के रूप में मौजूद रहेंगी, जो विभिन्न कैटेगरी में फिल्मों का चयन कर अवॉर्ड प्रदान करेंगी।

शो में चंकी पांडे अपने ह्यूमर और अनोखे अंदाज से दर्शकों को मनोरंजन करेंगे।

शो में चंकी पांडे अपने ह्यूमर और अनोखे अंदाज से दर्शकों को मनोरंजन करेंगे।

रजा मुराद और दिलीप सेन को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

इस विशेष अवसर पर दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद को भारतीय सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रसिद्ध संगीत निर्देशक दिलीप सेन को भारतीय संगीत जगत में उनके अमूल्य समर्पण के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट इन म्यूजिक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

  • रजा मुराद का करियर पाँच दशकों से भी अधिक समय तक फैला हुआ है। उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। उनकी गहरी आवाज और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें हिंदी सिनेमा का एक अहम चेहरा बनाया। उनकी प्रमुख फिल्मों में शक्ति (1982), राम तेरी गंगा मैली (1985), खुदा गवाह (1992), मोहरा (1994), राजा बाबू (1994), वीरगति (1995), जंजीर (1973), प्रेम रोग (1982) शामिल हैं।
  • वहीं संगीतकार दिलीप सेन को इंडस्ट्री में पहला ब्रेक फिल्म सूरमा भोपाली से मिला। इसके बाद जुर्म की हुकूमत और यश चोपड़ा की आईना फिल्म के गीतों ने उन्हें पहचान दिलाई। दिलीप-समीर सेन की जोड़ी ने अब तक लगभग 1800 से अधिक गाने इंडस्ट्री को दिए हैं।
कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में 9 राज्यों की 14 फिल्मों अदर रीजनल श्रेणी और 8 राजस्थानी फिल्में राजस्थानी सिनेमा की श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती नजर आएंगी। फिल्मों के नॉमिनेशन जारी किए जा रहे हैं।

अवॉर्ड नाइट में अभिनेत्री चारू असोपा, मशहूर कोरियोग्राफर अजीत सिंह तंवर, पॉप सिंगर कोमल कोरा, लोक गायक मोती खान, मॉडल स्वाति जांगिड़ और साउथ एक्ट्रेस मीनाक्षी गोस्वामी अपनी अद्भुत परफॉर्मेंस से जश्न की रौनक बढ़ाएंगे।

शो को एक्ट्रेस डेजी शाह भी होस्ट करती नजर आएगी।

शो को एक्ट्रेस डेजी शाह भी होस्ट करती नजर आएगी।

क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन

आरएफएफ के प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन ने बताया कि यह फेस्टिवल कंचन कैसेट्स एंड सीरीज (के-सीरीज) की पहल है और हर साल जयपुर में आयोजित किया जाता है। इसका पहला संस्करण वर्ष 2013 में हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थानी सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और क्षेत्रीय कलाकारों का मनोबल बढ़ाना है।

कार्यक्रम के दौरान मशहूर संगीतकार दिलीप सेन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मशहूर संगीतकार दिलीप सेन को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

फेस्टिवल के पहले दिन 19 सितंबर को आरएफएफ सोशल स्पॉटलाइट का आयोजन किया जाएगा, जिसे अभिनेत्री चारु असोपा होस्ट करेंगी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री शामिल होंगी। अपने रचनात्मक और सराहनीय कार्यों के लिए डिजिटल क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और आर्टिस्ट्स को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इंटर स्कूल/कॉलेज डांस कॉम्पिटिशन का आयोजन होगा जो राजस्थान के विभिन्न संस्थानों में आयोजित 100 आउटरीच एक्टिविटीज का समापन होगा।

फाउंडर संजना शर्मा ने आगे कहा कि आरएफएफ न केवल एक पुरस्कार समारोह है, बल्कि यह विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को एक मंच पर जोड़ने का अवसर है। भारतीय सिनेमा के जरिए यह फेस्टिवल विविधता में एकता का संदेश देता है और भारत की कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने में अहम योगदान दे रहा है।



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